BiharFlood: बारिश से मची तबाही – घर से निकले लोग, कहीं ट्रैक्टर से तो कहीं नाव से

बिहार के कई इलाकों में बारिश ने जमकर तबाही मचायी, खासकर पटना में बारिश के बाद जलजमाव को लेकर लोगों की जिन्दगी कैदखाने में बदल गई है। तबाही के सातवें दिन भी राजेंद्रनगर इलाके को जलजमाव से राहत नहीं मिल पाई है। पानी निकलने की गति काफी धीमी है।

अब भी राजेंद्रनगर में तीन से साढ़े तीन फीट तक पानी भरा है। जैसे हालात हैं, उसमें पूरी तरह पानी निकलने में अब भी तीन-चार दिन का वक्त लग सकता है। कुछ ऐसा ही हाल पाटलिपुत्र कॉलोनी का भी है। यहां भी ढाई से तीन फीट तक पानी जमा है।

गंदे और बदबूदार पानी के कारण महामारी फैलने की आशंका

पानी के गंदे और बदबूदार होने के कारण इन इलाकों में डेंगू और डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार को पीएमसीएच में डेंगू के 67 नए मरीज मिले हैं। कंकड़बाग और राजेंद्रनगर इलाके से सबसे अधिक मरीज मिले हैं। इसको देखते हुए कंकड़बाग में दो विशेष कैंप भी लगाए गए हैं, जहां डेंगू की निश्शुल्क जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 35 पूजा पंडालों में स्वास्थ्य शिविर लगाने की भी तैयारी है।

अब भी कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति

बारिश थमे पांच दिन बीत गए, लेकिन अभी भी राजधानी के दर्जनों मोहल्ले जलजमाव से बुरी तरह प्रभावित हैं। इन इलाकों में अभी भी तीन से चार फीट तक पानी भरा है। इनमें सरिस्ताबाद, अलकापुरी, साधनापुरी, मगध बिहार, अनिसाबाद पुलिस कॉलोनी, बाईपास से उतर सटे आरएमएस कॉलोनी, रुदल पथ, अशोक नगर रोड नंबर-14, 8बी और 8सी, रामलखन पथ, बुद्धा कॉलोनी की अंदर की सड़कें, बाईपास से दक्षिण स्थित मोहल्लों में मधुबन कॉलोनी, एनटीपीसी कॉलोनी, घाना कॉलोनी, पूर्वी रामकृष्णा नगर, त्रिदेव मंदिर, सुभाष नगर, खेमनीचक, महावीर कॉलोनी, सेतु नगर, पूर्वी इंदिरा नगर रोड नंबर-एक व चार, रामजयपाल नगर, देवनगर रोड नंबर चार, जगनपुरा सहित अन्य मोहल्लों में अभी भी भीषण जलजमाव की स्थिति बनी हुई है।

इसमें अधिकांश इलाके कंकड़बाग अंचल से संबंधित हैं। जब इन इलाकों के स्थानीय नागरिक अंचल के कार्यपालक अधिकारी को फोन कर समस्या की जानकारी देते हैं तो उनका जवाब होता है कि पानी अभी नहीं निकल पाएगा।