
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद लगाई गई पाबंदियों के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की। सर्वोच्च अदालत ने जम्मू-कश्मीर में अस्पतालों में इंटरनेट सेवाओं की बहाली की मांग पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। याचिकाओं में मांग की गई है कि अदालत सरकार को निर्देश दे ताकि राज्य के सभी अस्पतालों एवं चिकित्सा संस्थानों में तत्काल प्रभाव से इंटरनेट एवं लैंडलाइन टेलीफोन सेवाओं की बहाली हो सके।

इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने प्रतिबंधों से संबंधित याचिकाओं को मंगलवार को उचित पीठ के सामने लगाने का भी निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन को नोटिस जारी करके पूछा था कि राज्य में हालात कब सामान्य होंगे। यही नहीं इसके लिए दो हफ्ते के भीतर जवाब के साथ हलफनामा दाखिल करने के निर्देश जारी किए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधों को लेकर केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि राष्ट्रहित औरआंतरिक सुरक्षा को ध्यान रखते हुए कश्मीर में सामान्य जीवन बहाल करने के सभी प्रयास किए जाएं।
दो बाल अधिकार कार्यकर्ताओं की ओर से पेश अहमदी ने कहा था कि हाई कोर्ट तक पहुंचना मुश्किल है। इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि आप जो कह रहे हैं, यदि वैसा है तो ये बहुत गंभीर मामला है। हम इसकी जांच करेंगे। साथ ही प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि वह स्वयं हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से फोन पर बात करेंगे। अगर जरूरी हुआ तो हम जम्मू-कश्मीर जाएंगे, लेकिन ध्यान रहे कि अगर आरोप गलत हुए तो आप परिणाम भुगतने को तैयार रहें।