
कार्रवाई करने के बाद अपनी ही नौकरी बचाना हुआ मुश्किल
ऊपर से फरमान आते ही जारी हो जाता है दंड का आदेश
सौदागर
लखनऊ। चिनहट में स्थानीय नेता सभासद पति ने कोतवाली का घेराव किया तो नप गए कस्बा प्रभारी,भाजपा नेता ने किया थाने का घेराव,भाजपा विधायक सुरेश श्रीवास्तव ने सीओ गोमती नगर के खिलाफ किया धरना प्रदर्शन,इसके बाद भाजपा जिला अध्यक्ष ने भी सीओ गोमतीनगर के खिलाफ किया धरना प्रदर्शन और सीओ को हटाने की मांग की,राजधानी में सत्ता परिवर्तन के बाद सामने आए ये चार मामले यह दर्शाने के लिए काफी है की खाकी सफेदपोशों के आगे बेबस है।

कानून के दायरे में रहकर भी पुलिसकर्मियों के लिए काम करना मुश्किल हो गया है। सत्ता के गलियारे मैं धमक रखने वाले या तो कार्रवाई से जुड़े पुलिसकर्मी की कुर्सी खा जा रहे या फिर उन्हें पुलिस लाइंस का रास्ता दिखा दिया जा रहा है।
बीते 20 जुलाई 2019 को भाजपा नेता एवं सभासद पति अरुण राय ने अपने समर्थकों के साथ चिनहट कोतवाली का घेराव कर चिनहट कस्बे में तैनात दरोगा पन्ने लाल यादव पर वसूली करने का आरोप लगाकर हटवा दिया।
पुलिस का इकबाल कायम रखने के लिए दरोगा पन्ने लाल ने देर रात विधायक चौराहे पर चेकिंग कर रहे थे की उन पर आरोप लगा कि वे अवैध वसूली कर रहे हैं, लिहाजा ऊपर से फरमान आते ही उन्हें कस्बा से हटा दिया।
यह मामला शांत भी नहीं पड़ा था कि भाजपा युवा मोर्चा के नेता अभिजीत मिश्रा ने भी पुलिस के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया।
इसके अलावा भाजपा नेता एवं सांसद सुरेश श्रीवास्तव ने सीओ गोमतीनगर के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें हटाने को लेकर धरना दिया।
यह मामला चल ही रहा था की भाजपा नेता एवं जिला अध्यक्ष रामनिवास यादव ने शनिवार को अपने समर्थकों के साथ सीओ गोमती नगर कार्यालय एवं चिनहट कोतवाली का घेराव करने के लिए अपने आवास से पूछ कर रहे थे की इसी बीच सीओ कैंट संतोष सिंह दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और उन्हें समझा-बुझाकर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन देकर उन्हें रोका।
राजधानी में तैनात एक एस आई सिर्फ इस वजह से हटा दिए गए, क्योंकि वे एक स्थानीय भाजपा नेता की बात नहीं सुनी थी।
इन घटनाओं से जहां एक ओर उचित मामलों में कार्रवाई को लेकर पुलिस बेबस नजर आ रही है, वही खाकी का मनोबल भी गिर रहा है। वही एक जिम्मेदार पुलिस अफसर का कहना है कि शिकायतों की पुष्टि होने के बाद ही कार्रवाई की जाती है।