
इंटरनेट यूजर्स की संख्या चीन के बाद भारत में सबसे अधिक है जिस वजह से वह दूसरे नंबर पर पहुंच गया है. वित्त वर्ष 2019 के अंत तक देश में मासिक आधार पर 45.1 करोड़ ऐक्टिव इंटरनेट यूजर्स थे. इंटरनेट ऐंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IMAI) की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. इसमें यह भी बताया गया है कि देश में इंटरनेट की अवेलेबिलिटी 36 पर्सेंट इलाकों तक सीमित है. इसके विस्तार से यूजर्स की संख्या और बढ़ेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, 45.1 करोड़ यूजर्स में 38.5 करोड़ की आयु 12 वर्ष से अधिक है। पांच से 11 साल की उम्र वाले यूजर्स की संख्या 6.6 करोड़ है, जो परिजनों की डिवाइस पर इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि शहरी इलाकों में 19.2 करोड़ यूजर्स हैं. इनकी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों के यूजर्स से अधिक है. हालांकि, शहर और गांव में आबादी की असमानता के चलते इंटरनेट पेनिट्रेशन के लिहाज से अर्बन इंडिया का यूजर पर्सेंटेज काफी ज्यादा है. ग्रामीण इलाकों में अभी भी बड़े पैमाने पर लोगों तक इंटरनेट की पहुंच नहीं है. इसलिए वहां इसकी ग्रोथ की काफी संभावना है. रिपोर्ट में बताया गया है कि इससेआने वाले कुछ वर्षों में देश में इंटरनेट यूजर्स की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी होगी.
देश के दो-तिहाई उपभोक्ता रोजाना इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. 10 में से नौ शहरी यूजर हफ्ते में कम से कम एक बार इंटरनेट चलाते हैं. 16-29 वर्ष के युवा इंटरनेट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, इंटरनेट यूजर्स का एक वर्ग अभी भी हफ्ते में एक बार से भी कम के स्तर पर इंटरनेट इस्तेमाल कर रहा है. हर पांच में से एक ग्रामीण यूजर इस श्रेणी में आता है.शहरों में लगभग एक-तिहाई यूजर्स एक घंटे से अधिक समय इंटरनेट पर बिताते हैं। ग्रामीण इलाकों के एक-तिहाई उपभोक्ता रोज इंटरनेट का 15-30 मिनट इस्तेमाल करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बेहतर कनेक्टिविटी व सर्विस और किफायती मोबाइल इंटरनेट के जरिए रूरल यूजर्स आगे चलकर इंटरनेट पर अधिक समय बिता सकते हैं.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इंटरनेट यूजर्स में महिलाओं की संख्या पुरुषों से कम है. देश में 25.8 करोड़ पुरुष इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं.महिलाओं की संख्या इसकी आधी है. यह असमानता ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा है. राज्यों में केरल, तमिलनाडु और दिल्ली में महिला यूजर्स की संख्या अच्छी-खासी है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि देश के दो-तिहाई इंटरनेट यूजर्स की आयु 12-29 वर्ष के बीच है. इस आयु वर्ग के ज्यादातर उपभोक्ता ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं. इससे ग्रामीण भारत में इंटरनेट के विकास की क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है.