BSNL को वित्तीय मदद के बारे में कैबिनेट में विचार संभव इसी महीने

सरकारी बैंकों में पूंजी डालने की घोषणा के बाद सरकार अब बीएसएनएल और एमटीएनएल को फंड मुहैया कराने जा रही है। इसके अलावा सरकार इन टेलीकॉम कंपनियों को 4-जी स्पेक्ट्रम का आवंटन भी करेगी। दूरसंचार विभाग (डॉट) ने इसके लिए केंद्रीय कैबिनेट के सामने प्रस्ताव रखा है। कैबिनेट इसी महीने इन प्रस्तावों पर फैसला ले सकती है। सरकार इसके लिए सॉलिसिटर जनरल से कानूनी सहायता ले चुकी है। सरकारी टेलीकॉम कंपनियों को 4-जी स्पेक्ट्रम के आवंटन से पहले कानूनी हरी झंडी मिलना जरूरी था।

बीएसएनएल और एमटीएनएल सरकारी कंपनी होने के नाते स्पेक्ट्रम नीलामी में हिस्सा नहीं लेती हैं। न्यूज एजेंसी आइएएनएस के अनुसार, कैबिनेट स्पेक्ट्रम आवंटन पर इस महीने के तीसरे सप्ताह में फैसला ले सकती है। इसके बाद आगे की कार्रवाई में तीन से छह महीने का समय लगेगा। डाटा प्रतिस्पर्धा के इस दौर में 4-जी स्पेक्ट्रम नहीं होने के कारण सरकारी टेलीकॉम कंपनियां निजी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रही हैं।

बैंकों की तरह बीएसएनएल और एमटीएनएल को भी बांड के जरिए पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी। यह दोनों कंपनियां पूंजी के गंभीर संकट से गुजर रही हैं। बीएसएनएल अपने 1.76 लाख कर्मचारियों को पिछले महीने वेतन नहीं दे पाई है। वहीं एमटीएनएल ने पिछले दो महीने से अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया है।