
किसी के चेहरे पर मायूसी तो कोई कर रहा था दुआ, हर किसी को चाहत बस यही थी कि लैंडर विक्रम से संपर्क हो जाए, लेकिन सभी के चेहरे पर उस समय निराशा दौड़ गई, जब वैज्ञानिक ने यह घोषणा की कि चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालांकि, इसके बाद भी लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और कहा कि यह कामयाबी भी कम नहीं है। इस बार नहीं तो अगली बार हम सफल जरूर होंगे।

चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम के रात करीब दो बजे चंद्रमा पर उतरने की उम्मीद वैज्ञानिकों ने लगा रखी थीं। इसे लेकर देशवासियों में बेहद उत्साह था। रात करीब 12 बजे से ही लोग अपने-अपने टेलीविजन के सामने बैठ गए थे।
रात करीब 1:30 बजे के बाद जैसे-जैसे लैंडर विक्रम चंद्रमा की सतह की ओर बढ़ रहा था, लोगों में उत्साह और रोमांच के साथ ही चिंता भी बढ़ रही थी। घरों से लोग जहां ईश्वर की प्रार्थना कर रहे थे, वहीं मल्टीनेशनल कंपनी के दफ्तरों में भी लोग एक दूसरे से यही पूछ रहे थे कि चंद्रयान-2 की सफल लैंडिंग हो सकेगी या नहीं।
इसी बीच दिल की धड़कनें तब और बढ़ गई जब रात करीब 1:50 पर इसरो के वैज्ञानिकों के चेहरे पर चिंता की लकीरें उभरने लगीं। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर इसरो के सभी वैज्ञानिक इसरो मुख्यालय बैंगलुरु में इधर-उधर चहलकदमी करने लगे। यह देख टीवी से चिपके लोगों को यह आशंका हुई कि कुछ तो गड़बड़ी जरूर हो गई है।
इसी बीच रात 1:55 बजे पर चंद्रयान से संपर्क टूटने की खबर ने देशवासियों की आशाओं पर पानी फेर दिया, लेकिन फिर भी कहीं न कहीं लोगों के दिल में चंद्रयान की सफलता को लेकर उम्मीद अभी बची हुई है।
इसके बाद रात में 2:20 बजे इसरो के वैज्ञानिकों ने आधिकारिक रूप से यह घोषणा कर दी कि चांद से 2.1 किमी पहले विक्रम लैंडर से पूरी तरह संपर्क टूट गया है। अब तक मिले आंकड़ों का अध्ययन किया जा रहा है है। यह खबर आते ही तमाम लोगों की आंखों से आंसू निकल पड़े।