गौ सेवा भी है एक यज्ञ-मणिप्रसाद

गौ सेवा भी है एक यज्ञ-मणिप्रसाद
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कार्यक्रम में पधारे उत्तर प्रदेश शासन के गृह सचिव मणिप्रसाद मिश्र ने संबोधित करते हुए बताया कि गौसेवा भी एक यज्ञ है। अश्वमेध के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहाकि यह संसार का सर्वश्रेष्ठ कर्म है। अश्वमेध से उत्पन्न धुंए से कई प्रकार के रोगो से भी मुक्ति मिलती है। इससे वातावरण-परिष्करण भी होता है। उन्होंने कहाकि भारतीय संस्कृति में गौ, गायत्री, गुरु, गंगा और गीता ये पांच ही इसके आधार हैं। साथ ही अपने संबोधन में उन्होंने 16 वर्षों से निःशुल्क विवाह करा रहे वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट हरदोई का भी हृदय से आभार व्यक्त किया।
दीपों की रोशनी से रोशन हुआ मिश्रिख
दीपों की अवली से प्रकाशित हुआ सम्पूर्ण वातावरण
दीपों ने खुद जलकर दूसरों को प्रकाशित करने का दिया संदेश
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अश्वमेध यज्ञ के चौथे दिवस की संध्या दीपों की जगमगाहट से रोशन हो उठी। अवसर था अश्वमेध के दीप-महायज्ञ का, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाओं, पुरुषों सहित छोटे छोटे बच्चों ने भी दीपों को प्रज्ज्वलित करके समां को रोशन कर दिया। मानो सारा मिश्रिख ही उसकी अद्भुत चमक का साक्षी बन गया हो। विराट 1008 कुंडीय अश्वमेध-महायज्ञ की चौथी संध्या को आयोजित दीप-महायज्ञ में आस-पास के क्षेत्र सहित दूर-दराज के लोगों ने सम्मिलित होकर भावनात्मक आहुतियां समर्पित कीं। पवित्रीकरण, आचमन, शिखावन्दन, प्राणायाम, स्वस्तिवाचन आदि चरणों के साथ दीप-महायज्ञ शुरू हुआ। तदोपरान्त गायत्री महामन्त्र, महामृत्युंजय आदि मन्त्रों से भावनात्मक आहुतियां समर्पित की गईं। मध्य में वैदिक मंत्रों के साथ हजारों की संख्या में दीप प्रज्ज्वलित किये गए। दीप-यज्ञ में जलते दीपों से रोशन समां की छटा देखते ही बन रही थी। मानो धरती पर ही पूरा स्वर्ग उतर आया हो। इस महायज्ञ में महिलाओं ने महाआरती की। अश्वमेध के दीप-महायज्ञ में किन्नर सपना ने भी प्रकाश-उत्सव मनाया। इस दौरान व्यवस्थाओं में महिलाओं का निर्देशन नीलम शर्मा और साधना कपूर ने किया। नीलम शर्मा ने दीप-महायज्ञ के महत्वों पर प्रकाश डाला।
महापुर्णाहुति व आरती के साथ ही सम्पन्न हुआ विराट अश्वमेध महायज्ञ
50,000 से भी ज्यादा श्रद्धालु पूर्णाहुति में हुए सम्मिलित
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मिश्रिख में चल रहे विराट 1008 कुंडीय अश्वमेध-महायज्ञ का समापन रविवार को महापूर्णाहुति और महाआरती के साथ हुआ। इससे पूर्व पांचवें दिन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुतियां प्रारम्भ हुईं। सामान्य यज्ञ प्रक्रियाओं के साथ वैदिक प्रक्रियाएं हुईं और राष्ट्र समृद्धि, प्रदूषण-मुक्ति और वायु परिष्करण के प्रयोजन से यंग विराट और भव्य महायज्ञ सम्पन्न हुआ। पूर्णाहुति के दिन 50,000 से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने कराये निःशुल्क विवाह
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मिश्रिख अश्वमेध-यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद हरदोई के वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने निःशुल्क सामूहिक विवाह संपन्न कराये। वरदान ट्रस्ट के ट्रस्टी मणि प्रसाद मिश्र, अमिय कुमार चतुर्वेदी, अरुणेश बाजपेई, आलोक श्रीवास्तव, करुणा शंकर, अतुल कपूर आदि के द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ विवाह संपन्न कराये गए। एक ही छत के नीचे 21 जोड़ों के विवाह एक साथ सम्पन्न हुए। गृह सचिव उत्तर प्रदेश शासन मणिप्रसाद मिश्र अश्वनी कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। भूतपूर्व आईएएस अमिय कृष्ण चतुर्वेदी, भूतपूर्व आईएएस दलीप गुप्ता, वरदान के वरिष्ठ ट्रस्टी अरुणेश वाजपेयी ने कन्यादान किया। हज़ारों की संख्या में लोग इस सामूहिक विबाह को कुतूहल के साथ देख रहे थे।
वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट 2002 से सामूहिक विवाह लगातार हरदोई में कर रहा है। इस बार वरदान ने हरदोई जनपद की सीमा से बाहर निकल कर जनपद सीतापुर के मिश्रिख में सामूहिक विवाह संपन्न कराये हैं। यू तो कई और दम्पतियों के आवेदन प्राप्त हुए थे परंतु समय सीमा निकल जाने के कारण वरदान ट्रस्ट द्वारा दी जाने वाली सामग्री ख़रीद चुके जाने के वे वंचित रह गए, उनको अगला मौका मई 2018 में मिलेगा। वरदान ट्रस्ट नावदम्परियों को उपहार स्वरूप 1 बॉक्स जिसमें ग्रहस्थी का सामान वर कन्या के लिए 11 बर्तन तथा जेवर देते हैं।
किन्नर सपना भी किया विवाह
यह अश्वमेध यज्ञ गायत्री परिवार, वरदान  और मिश्रिख के लिए अभूतपूर्व था। विराट 1008 कुंडीय यज्ञशाला खचाखच भारी हुई थी।  किन्नर सपना ने भी गोरखपुर के निवासी अजय विश्वकर्मा से विवाह किया। सपना को हिंदी विषय में मास्टर डिग्री प्राप्त है।