भाई को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए बिहार के युवक ने दांव पर लगा दी अपनी नौकरी

भाई को भी सरकारी नौकरी दिलाने के लिए एक युवक ने अपनी सरकारी नौकरी दांव पर लगा दी। कानपुर पुलिस ने भाई की जगह परीक्षा देते हुए उसे सॉल्वर गिरोह के साथ पकड़ लिया। वह एसएससी की परीक्षा में अनजिप टेक्नोलॉजी परीक्षा केंद्र केशवपुरम् में परीक्षा दे रहा था। केंद्र में कक्ष निरीक्षकों ने प्रवेश पत्र में फोटो मैच न होने पर उसे पकड़ा था। इसके साथ ही पुलिस ने सॉल्वर गिरोह के दो और शातिरों को गिरफ्तार किया।

इस तरह हत्थे चढ़ा युवक

कल्याणपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर शुक्रवार को दो पालियों में एसएससी की एमटीएस (मल्टी टास्किंग स्टाफ) परीक्षा होनी थी। पहली पाली सुबह सात बजे से और दूसरी दोपहर बारह से थी। पुलिस के मुताबिक दूसरी पाली में चिडिय़ातार पटना (बिहार) निवासी अतुल प्रकाश परीक्षा दे रहा था। कक्ष निरीक्षक ने प्रवेश पत्र चेक किया तो संदेह हुआ। सख्ती से पूछताछ पर पता लगा कि वह पटना के वाजिदपुर निवासी सगे भाई दीपू और बिट्टू की जगह परीक्षा देने आया है। उन्हें लग रहा था कि दोनों की परीक्षा अलग-अलग पालियों में होगी, लेकिन ऐसा न होने पर वह दीपू के स्थान पर परीक्षा देने लगा। उसने अपने साथी दरभंगा बिहार निवासी पंकज का नाम भी लिया। बिट्टू और पंकज भी इसी केंद्र पर परीक्षा दे रहे थे।

गुजरात में एमटीएस के पद पर है तैनाती

पकड़े गए अतुल की निशानदेही पर बाकी दो को भी दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीनों को जेल भेज दिया। कल्याणपुर इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार पांडेय ने बताया कि अतुल प्रकाश गुजरात में रेसकोर्स रोड स्थित प्रिंसिपल एकाउटेंट जनरल दफ्तर (एई) में एमटीएस के पद पर कार्यरत है।

गिरोह का सरगना है अतुल

पुलिस के मुताबिक अतुल प्रकाश सॉल्वर गैंग का सरगना है। वह छुट्टी लेकर परीक्षा देने आया था। एमटीएस की परीक्षाएं कई दिनों में होती हैं। पिछले कुछ दिनों से केंद्र पर परीक्षाएं चल रही हैं। अतुल ने दीपू व बिट्टू दोनों की परीक्षा का ठेका लिया था, लेकिन उनका सेंटर एक ही जगह पड़ गया। परीक्षा भी एक ही समय पर थी। इस वजह से वह दीपू की परीक्षा देने लगा था। अतुल को बिहार के कई अन्य छात्रों के स्थान पर भी परीक्षा देनी थी।