
देश के दक्षिणी राज्यों में बारिश और बाढ़ का कहर जारी है. तेज बारिश और बाढ़ के कारण महाराष्ट्र में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा केरल में 42 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. कर्नाटक में भी बाढ़ से हालत काफी खराब हैं. यहां करीब 10 लोगों की मौत हुई है. सेना, वायुसेना, नौसेना, एनडीआरएफ समेत अन्य टीमें बचाव अभियान में जुटी हैं. तीनों राज्यों के बाढ़ प्रभावित इलाकों से लाखों लोगों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है. 
महाराष्ट्र में आज छठा दिन है. वेस्टर्न महाराष्ट्र के तीन जिले सातारा, सांगली, कोल्हापुर अब भी पानी में डुबे हुए हैं. कर्नाटक ने अपने अलमट्टी डैम से पानी छोड़ा है, लेकिन उसका कुछ खास असर देखने को नहीं मिला है. बारिश कम हुई है, लेकिन पानी का स्तर मुख्य नदी और शहर में अपेक्षा के अनुसार कम नहीं हुआ है. कोल्हापुर जिले के ज्यादातर हिस्से अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं. राहत और बचाव का काम रफ्तार से जारी है.
सरकारी आकड़े के अनुसार अब तक 2 लाख 85 हजार लोगों को सुरक्षित जगहो पर शिफ्ट किया गया. एनडीआरएफ, नेवी, एयरफोर्स, कोस्टगार्ड और राज्य सरकार के कई विभाग से हजारों लोग लगातार बचाव और राहत कार्य में लगातार जुटे हैं. बाढ़ पीडि़त इलाकों में सरकार ने अपने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं.
केरल में बाढ़ से अब तक 42 लोगों की मौत हुई है. 8 अगस्त को मल्लापुरम के कवलाप्पारा इलाके में भूस्खलन हुआ था. आशंका है कि इसमें करीब 30 लोग फंसे हुए हैं. उन्हें बचाने के लिए शनिवार को रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर पहुंची हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन खराब मौसम के चलते बाधित हुआ है.
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन कोंकण और मध्य महाराष्ट्र के इलाकों में बारिश के आसार हैं. कोल्हापुर में बचाव दल की 22 टीमें काम कर रही हैं. जबकि सांगली में 11 टीमें काम कर रही हैं.
महाराष्ट्र के चीफ सेक्रेटरी अजय मेहता के मुताबिक महाराष्ट्र में बारिश के कारण 1 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है. नेशनल हाईवे-4 पर करीब 40 हजार ट्रक फंसे हुए हैं. महाराष्ट्र में बाढ़ के कारण करीब 2.85 लाख लोग विस्थापित किए गए हैं.
महाराष्ट्र के सांगली और कोल्हापुर में बाढ़ से हालात बेहद खराब हैं. ये दोनों ही जिले बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक शुक्रवार को एनडीआरएफ की टीमों ने इन दोनों जिलों से करीब 10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया है. सांगली जिले से करीब 8 हजार लोग बचाए गए हैं जबकि कोल्हापुर से 2000 हजार लोगों को बचाया गया है.
गुजरात में बनाए गए सरदार सरोवर बांध के गेट शुक्रवार को पहली बार खोलकर पानी छोड़ा गया है. इस बांध में पानी के स्तर की सीमा 131 मीटर है. इसे ही बरकरार रखने के लिए इससे पानी छोड़ा गया है. बता दें कि गुजरात में भी तेज बारिश हो रही है.

भारतीय सेना के अनुसार महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए सेना की 123 रेस्क्यू टीमें लगाई गई हैं. ये टीमें चारों राज्यों के 16 बाढ़ प्रभावित जिलों में रेस्क्यू अभियान चला रही हैं.