
एक के बाद एक कांग्रेस से सदस्यों की संख्या घटने का क्रम जारी है। इस क्रम में एक और नाम वरिष्ठ कांग्रेस नेता भुवनेश्वर कालिता का भी है। राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके कालिता शुक्रवार को भाजपा में शामिल हो जाएंगे।
असम से सांसद कालिता ने राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद कहा था कि उन्हें लगता है अब कांग्रेस को बर्बाद होने से नहीं बचाया जा सकता है। कांग्रेस की विचारधारा से ऐसा लग रहा है कि वह आत्महत्या करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आगे कहा मैं पार्टी के इस प्रयास में भागीदार नहीं बनना चाहता हूं।
सोमवार को भुवनेश्वर कालिता को कांग्रेस ने कश्मीर मुद्दे पर व्हिप जारी करने की जिम्मेदारी सौंपी थी लेकिन उन्होंने राज्यसभा में अपना पद तो छोड़ा ही पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा, ‘देश का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है और यह व्हिप देश की जन भावना के खिलाफ है। जवाहर लाल नेहरु भी अनुच्छेद 370 के खिलाफ थे।
भुवनेश्वर कालिता ने कहा-
‘आज कांग्रेस ने मुझे कश्मीर मुद्दे के बारे में व्हिप जारी करने को कहा है। जबकि सच्चाई ये है कि देश का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है और ये व्हिप देश की जन भावना के खिलाफ है। जहां तक आर्टिकल 370 की बात है तो पंडित नेहरू ने खुद इसके विरोध में कहा था, आर्टिकल 370 एक दिन घिसते घिसते पूरी तरह घिस जाएगा। आज की कांग्रेस की विचारधारा से लगता है कि कांग्रेस आत्महत्या कर रही है और मैं इसमें कांग्रेस का भागीदार नहीं बनना चाहता हूं। मैं इस व्हिप का पालन नहीं करूंगा और मैं कांग्रेस पार्टी से अपना इस्तीफा देता हूं। आज की कांग्रेस पार्टी की लीडरशिप कांग्रेस को पूरी तरह से तबाह करने के काम कर रही है। मेरा मानना है कि अब इस पार्टी को तबाह होने से कोई नहीं बचा सकता।’