श्रीनगर एयरपोर्ट पर ही रोके गए गुलाम नबी आजाद, आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर पहुंचे थे

कांग्रेस सांसद और राज्यसभा में विपक्ष के नेता  गुलाम नबी आज़ाद और जम्मू-कश्मीर के कांग्रेस प्रमुख गुलाम अहमद मीर को श्रीनगर हवाई अड्डे पर ही रोक दिया गया है। वह जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद पहली बार वहां पहुंचे हैं।

इससे पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद (Ghulam Nabi Azad) ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल(Ajit Doval) के एक वीडियो को लेकर उन पर करारा हमला बोला। एनएसए अजीत डोभाल ने कल शोपियां में स्थानीय लोगों के साथ एक वीडियो बनाया था, जिसमें वो लोगों से बातचीत करते हुए देखे गए थे। इस वीडियो पर हमला बोलते हुए गुलाम नबी आज़ाद ने कहा है कि ‘पैसे देकर आप किसी को भी साथ ले सकते हो।’

बता दें, जम्मू कश्मीर को पुनर्गठित किए जाने के बाद कश्मीर घाटी में पैदा हालात पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल  की पैनी नजर रखे हुए हैं। उन्होंने घाटी के विभिन्न इलाकों में दौरा कर सुरक्षाबलों से लेकर आम लोगों से मुलाकात की।

इस दौरान कई जगहों पर लोगों ने उन्हें अपने घर पर चाय की दावत भी दी। आतंकियों का गढ़ कहलाने वाले दक्षिण कश्मीर के शोपियां में उन्होंने सड़क पर लोगों के साथ खाना खाकर देश-दुनिया को संदेश दिया कि यहां सबकुछ सामान्य चल रहा है।

जम्मू कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाए जाने के बाद पहली बार कोई नेता कश्मीर जाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक पहले से ही अंदाजा था कि उन्हें एयरपोर्ट से वापस भेजे जाने की उम्मीद है।

गुलाम नबी आजाद श्रीनगर में कांग्रेस पार्टी के कार्यालय में नेताओं के साथ बैठक करने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद-370(Article 370) हटाए जाने से संबंधित है। बता दें, केंद्र सरकार ने हाल ही में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद-370(Article 370) हटाने का फैसला लिया, जिसका कई विपक्षी पार्टियों ने विरोध भी किया। इसका विरोध करने वाली पार्टियों में कांग्रेस भी शामिल थी। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने इस फैसले पर कहा था कि केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 को खत्म कर देश के सिर के टुकड़े कर दिए हैं, साथ ही जम्मू और कश्मीर के लोगों को राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से खत्म कर दिया है। आजाद ने मोदी सरकार पर ‘वोट हासिल करने के लिए’ यह कदम उठाने का आरोप भी लगाया है।

सूत्रों ने बताया है कि तीन व्यावसायिक नेताओं और एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, मुख्यधारा और अलगाववादी कार्यकर्ताओं सहित लगभग 400 लोगों को कश्मीर में नवीनतम कार्रवाई में पुलिस द्वारा प्रतिबंधित किया गया है।

जम्मू कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाए जान के बाद आज सुबह से जम्मू में हालात सामान्य हैं। लोगों अपने रोजमर्रा और जरूरत के कामों के लिए सड़कों पर निकल रहे हैं।