
मजदूरों के बच्चेे भी अब हॉस्टल में पढ़कर अपनी तरक्की का रास्ता खोज सकेंगे। श्रम विभाग मजदूरों के मेधावी बच्चों के लिए प्रदेश के हर मंडल मुख्यालय में आवासीय स्कूल खोलने जा रहा है, जिन्हें अटल आवासीय स्कूल का नाम दिया गया है।
श्रम विभाग अभी तक श्रमिकों के बच्चों को निश्शुल्क शिक्षा देने के लिए किराये के मकानों में स्कूलों का संचालन कर रहा है। अब राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। नवागत श्रमायुक्त सुधीर एम बोबडे ने बताया कि श्रम विभाग का भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड प्रदेश के हर मंडल मुख्यालय में मजदूरों के बच्चों के लिए आवासीय स्कूल खोलने जा रहा है।
ये स्कूल कक्षा एक से कक्षा बारह तक होंगे। हर विद्यालय में एक हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करेंगे। एक हजार से अधिक पंजीकरण होने की स्थिति में प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। राज्य सरकार विद्यालय निर्माण के लिए श्रम विभाग को धन व जमीन मुहैया कराएगी। गौरतलब है कि भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड हर भवन निर्माण की लागत का एक फीसद लेबर सेस के रूप में लेता है। ये राशि मजदूर परिवारों के कल्याण के लिए प्रयोग में लाई जाती है।
श्रम कालोनियों से जुड़ी फाइलें तलब
श्रमायुक्त सुधीर एम बोबडे ने श्रम कालोनियों से जुड़ी फाइलें तलब की हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस बारे में पूछताछ की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि यह मामला शासन में लंबित है।