
सपा सरकार के पूर्व मंत्री व सांसद आजम खां की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने आजम खां के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत केस दर्ज कर लिया है। ईडी के लखनऊ स्थित जोनल कार्यालय की टीम ने अपनी पड़ताल शुरू कर दी है। ईडी जल्द आजम की संपत्तियां की जांच कर अपना शिकंजा कसेगा। बताया गया कि ईडी ने किसानों की जमीन पर अवैध कब्जों को लेकर आजम खां के खिलाफ रामपुर में दर्ज कराये गए 27 मुकदमों को केस का आधार बनाया है।
समाजवादी पार्टी सरकार के पूर्व मंत्री आजम खां रामपुर के मौजूदा सांसद हैं। पिछले दिनों रानपुर प्रशासन और किसानों ने उनके खिलाफ अवैध तरीके से जमीन कब्जाने को लेकर 27 मामले दर्ज किए थे। बीते दिनों ईडी ने डीएम रामपुर से आजम खां के खिलाफ दर्ज कराये गए मुकदमों का ब्योरा मांगा था। दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद आजम पर पीएमएलए के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
26 किसानों की भूमि पर अवैध कब्जा करने का आरोप
आजम खां पर रामपुर के ग्राम आलियागंज के 26 किसानों की भूमि पर अवैध कब्जा करके उसे जौहर यूनिवर्सिटी में मिला लेने का आरोप है। रामपुर के थाना अजीमनगर में इसका मुकदमा दर्ज है। जौहर यूनिवर्सिटी में किया गया अरबों रुपये का निवेश भी ईडी की जांच के दायरे में आ सकता है। यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए बड़ी रकम चंदे के रूप में भी ली गई थी। मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर भी दो दिन छापेमारी हुई थी। यूनिवर्सिटी पर छापा मारकर सेंट्रल लाइब्रेरी से पुलिस ने दो हजार किताबें बरामद की हैं। ये किताबें मदरसा आलिया से चोरी की गईं थीं।
रानपुर प्रशासन ने ईडी को भेजी आजम और जौहर यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट
रामपुर जिला प्रशासन ने गुरुवार को आजम खां और उनकी जौहर यूनिवर्सिटी के संबंध में गुरुवार को ईडी को रिपोर्ट भेज दी। रिपोर्ट मिलते ही ईडी ने केस भी दर्ज कर लिया। ईडी ने एक सप्ताह पहले जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी थी। जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने बताया कि गुरुवार को ईडी को रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि जौहर यूनिवर्सिटी के चांसलर आजम खां के खिलाफ जमीन कब्जाने के 27 मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। इसमें दो मुकदमे प्रशासन ने कराए हैं। एक मुकदमा कोसी नदी क्षेत्र की पांच हेक्टेयर जमीन कब्जाने का है, जबकि दूसरा मुकदमा 26 किसानों की जमीन कब्जाने का है। 25 किसानों ने भी अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए हैं।
जमीन की खरीद-फरोख्त में भी अनियमितताएं
अभी तक प्रशासन की जानकारी में आया है कि यूनिवर्सिटी में कुल 78 हेक्टेयर जमीन है। इसमें साढ़े 32 हेक्टेयर जमीन सरकारी है, जबकि साढ़े पांच हेक्टेयर जमीन अनुसूचित जाति के लोगों की है, जो बिना अनुमति के खरीदी गई है। करीब डेढ़ हेक्टेयर उन किसानों की है, जिन्होंने रिपोर्ट कराई है। इसके अलावा साढ़े 13 हेक्टेयर शत्रु संपत्ति है। यूनिवर्सिटी की जमीन की कीमत ही करीब 65 करोड़ है। जमीन की खरीद-फरोख्त में भी अनियमितताएं बरती गई हैं। सर्किल रेट तीन बार चेंज किया गया है। विवि में 88 करोड़ रुपये सरकारी लगे हैं।
पाक नागरिक इमामुद्दीन कुरैशी की है शत्रु संपत्ति
सांसद आजम खां पर जिस शत्रु संपत्ति को कब्जा कर जौहर यूनिवर्सिटी में मिलाने का आरोप है, वह पाक नागरिक इमामुद्दीन पुत्र बदरुद्दीन कुरैशी की है। बंटवारे के बाद पाकिस्तान जाने वाले नागरिकों में यहां सींगनखेड़ा में रहने वाले इमामुद्दीन का भी परिवार था। उनकी संपत्ति को सरकार ने शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया था। आरोप है कि सांसद ने वक्फ मुतवल्ली मसूद खां से साठगांठ कर इसी शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर उसे जौहर यूनिवर्सिटी में शामिल कर लिया है। इस संबंध में भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने तीन जुलाई को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से शत्रु संपत्ति के वक्फ में होने और उसके मुतवल्ली से संबंधित जानकारी आरटीआइ से मांगी थी। भाजपा नेता का कहना था कि सांसद और मसूद अली खां ने उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड और उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में सरकारी कागजात में हेराफेरी करके शत्रु संपत्ति को खुर्द-बुर्द कर लिया है। इस भूमि के कुछ हिस्से पर जौहर विश्वविद्यालय के भवनों और रास्तों का निर्माण करा लिया है।
गृहमंत्री ने कार्रवाई का दिया था आश्वासन
पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने गृहमंत्री अमित शाह से शिकायत की थी, जिस पर गृहमंत्री ने उन्हें पत्र भेजकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस मामले में अब प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई एसआइटी भी जांच कर रही है।