झारखंड: नाबालिग को 20 वर्ष कारावास की सजा, सामूहिक दुष्कर्म का दोषी था किशोर

एडीजे-वन नीरज कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने सिमडेगा थाना कांड संख्या 45-18 में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपित नाबालिग को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष कारावास एवं 5 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे एक वर्ष की अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने फैसला सुनाने के बाद यह भी कहा कि नाबालिग को 21 वर्ष पूरा होने तक सुरक्षा गृह में रखा जाए। साथ ही उसके आचरण में सुधार के लिए उसे शिक्षा एवं कौशल विकास से संबंधित साधन भी उपलब्ध कराया जाए।

जिला प्रोबेशन पदाधिकारी को अदालत ने निर्देशित दिया कि वे उस नाबालिग के आचरण व व्यवहार पर नजर रखते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। ताकि नाबालिग के 21 वर्ष पूरा होने के बाद पुन: सुनवाई के लिए समीक्षा की जा सके। इधर सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक सुभाष प्रसाद ने साक्ष्य व दलीलें दी। घटना 31 मार्च 2018 की है। नाबालिग घर से अंडा खरीदने के लिए निकली थी।

इसी दौरान नाबालिग लड़के ने उसे अपनी मोटरसाइकिल से केलाघाघ डैम के पास ले या और दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने अपने एक अन्य सहयोगी अमृत कुमार प्रसाद बराबर पानी सिमडेगा निवासी को बुलाया और उसने भी नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता ने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी और थाना में मामला दर्ज कराया। इस मामले में आरोपित अमृत कुमार प्रसाद को पूर्व में ही एडीजे अदालत ने 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है।