बदले-बदले से हैं जुल्‍म को नसीब मानने वाली सुबेदा खातून के तेवर, मियां नवाज ने दिया तीन तलाक तो कराई FIR

राज्यसभा से तीन तलाक (Triple Talaq) का बिल पास हो गया है। यह बिल उन महिलाओं के लिए संबल बना है जो अब तक पति के हर जुल्म को अपना नसीब मान कर उसे सहती आई थीं। संसद से बिल की मंजूरी के अगले ही दिन बुधवार को हजारीबाग में तीन तलाक की एक पीडि़त पत्नी थाने पहुंच गई। उसने पुलिस से शिकायत करते हुए तलाक की बात बताई और पति के खिलाफ दहेज उत्पीडऩ व मारपीट का मामला दर्ज कराया। पति ने आठ जून को ही पत्नी को तीन तलाक दिया था लेकिन तब से पीडि़ता इस गम को बर्दाश्त कर रही थी।

विष्णुगढ़ प्रखंड के नवादा में दिल नवाज अंसारी ने अपनी बीबी सुबेदा खातून को आठ जून को तीन तलाक दे दिया। साथ ही तीन बच्चों में एक बड़ी बेटी को अपने पास रखकर बीबी को घर से निकाल दिया। इसके बाद से सुबेदा अपने मायने कीर्तिडीह रह रही थी। इसके बाद भी उसे प्रताडि़त किया जा रहा था। 29 जुलाई को सुबेदा जब अपनी दोनों बेटियों के साथ बड़ी बेटी से मिलने पहुंची तो दोनों अन्य बेटियों को रखकर उसे ससुराल से धक्के मारकर निकाल दिया गया। हंगामा होने पर बेटियों को मां के साथ जाने दिया।

थाने में शिकायत दर्ज करने के बाद सुबेदा खातून ने कहा कि मैं अपने पति के जुल्म को सहते आ रही थी। तीन तलाक को संसद से मंजूरी मिलने के बाद आस जगी है कि हम जैसी महिलाओं को न्याय मिलेगा। पुलिस से की शिकायत में विवाहिता ने कहा कि उसकी शादी चार वर्ष पूर्व दिल नवाज अंसारी (पिता लतीफ अंसारी) से हुई थी। शादी के समय मायके वालों ने बेटी के ससुराल वालों को 27,000 रुपये नकद दिया था। शादी के बाद और दहेज मायके से मांग कर लाने कहा जाने लगा। दहेज की मांग पूरी करने में असमर्थता जताने पर ससुराल में मारपीट कर उसे प्रताडि़त किया गया।

बेटी को प्रताडऩा से बचाने के लिए पिता ने 50,000 रुपये सूद में लेकर ससुराल वालों को मदद के तौर पर दिया। इसे विवाहिता के ससुराल वालों ने नहीं लौटाया। विवाहिता का आरोप है उसके जेवर भी ससुराल वालों ने छीनकर रख लिए और उसे तलाक देकर घर से मारपीट कर निकाल दिया। पुलिस के मुताबिक इस संबंध में थाना में दहेज मांगने और उत्पीडऩ का मामला विवाहिता के पति दिल नवाज अंसारी, ससुर लतीफ अंसारी व ससुराल के कुछ और लोगों को आरोपी बनाया गया है। चूंकि अभी तीन तलाक के बिल ने कानून का रूप नहीं लिया है इसलिए इसमें संबंधित धारा नहीं जोड़ी जा सकी है।