शादी के बाद कंफर्ट जोन से बाहर निकलें महिलाएं, Dr. अनुपमा ने ऐसे पाया मुकाम

विवाह के बाद अकसर महिलाएं गृहस्थ जीवन में ही रच-बस जाती हैं। अपने शौक व प्रतिभा को दरकिनार कर बच्चों का भविष्य संवारने में जुट जाती हैं, लेकिन इन सभी परिस्थितियों के बीच भी महिलाएं अपना शौक पूरा कर सकती हैं। अपनी प्रतिभा के दम पर नाम हासिल कर सकती हैं। यह कहना है मिसेज एशिया इंटरनेशनल डॉ. अनुपमा सोनी का।

डॉ. अनुपमा अमृतसर में श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने आईंं थीं। जयपुर निवासी डॉ. अनुपमा ने नवंबर-2018 में थाइलैंड में आयोजित मिस एशिया इंटरनेशनल सौंदर्य प्रतियोगिता में खिताब जीता है। डॉ. अनुपमा कहती हैं, “मैं सभी महिलाओं से कहना चाहती हूं कि वे खुद को बांधकर न रखें। शादी के बाद भी ज्यादातर महिलाएं कंफर्ट जोन में चली जाती हैं, इससे बाहर निकलो। खुद को तलाशो। गीत, संगीत, नृत्य, खेल जिसमें भी आपकी रुचि हो, वह करो।”

डॉ. अनुपमा का कहना है, “आज मैं राजस्थान में रोड सेफ्टी अवेयरनेस, जयपुर नगर निगम एवं जयपुर बैडमिंटन एसोसिएशन की ब्रांड अम्बेेंस्डर हूं। यह सब मुझे इसलिए मिला, क्योंकि मैंने अपनी प्रतिभा को समझा। इसके अलावा कई सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निर्वाह कर रही हूं। मेरे पति पति डॉ. सुनीत सोनी प्लास्टिक सर्जन हैं। उन्होंने भी मेरा हमेशा साथ दिया।”

बेटे की मोटिवेशन ने पहुंचाया इस मुकाम तक

1979 मे जन्मीं डॉ. अनुपमा सोनी जयपुर में डेंटिस्ट एवं कॉस्मेटोलॉजिस्ट हैं। दो बच्चों की मां डॉ. अनुपमा सोनी किशोरावस्था में मिस स्कूल और युवावस्था में मिसेज कॉलेज रह चुकी हैं। शादी के बाद डॉ. अनुपमा भी आम महिलाओं की तरह ही गृहस्थी चलाने में जुट गईं। डॉ. अनुपमा बताती हैं-फरवरी 2018 में जब मिसेज राजस्थान इंडिया प्रतियोगिता की शुरूआत होनी थी, तब मेरे दस साल के बेटे ने मुझसे कहा कि मम्मा! आप भी इसमें पार्टिसिपेट करो। मैंने यह कहकर इन्कार कर दिया कि अब यह सब मेरे बस की बात नहीं। पर बेटा बार-बार कहता रहा कि आप यह कर सकती हो।

बेटे की मोटीवेशन ने नई ऊर्जा का संचार किया। मैंने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और मिसेज राजस्थान का खिताब हासिल किया। इसके बाद मैंने मिसेज इंडिया का क्राउन जीता और मिसेज एशिया के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करने की हकदार बनी। इसके बाद थाइलैंड में नवंबर 2018 में मुझे मिसेज एशिया इंटरनेशनल का खिताब मिला।