टीम इंडिया का कोच और सपोर्ट स्टाफ चुनने के लिए तोड़े जा रहे BCCI के नियम?

टीम इंडिया का कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ चुनने के लिए कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स यानी CoA भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड( BCCI) के नियम तोड़ रही है। सीओए ने किसी पहेलुओं पर चर्चा किए बिना एक बार फिर से टीम इंडिया का हेड कोच समेत बाकी सपोर्ट स्टाफ चुनने के लिए तत्परता दिखाई है। 

शुक्रवार को नई दिल्ली में हुई सीओए की मीटिंग में विनोद राय के अगुवाई वाली कमेटी ने कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी वाले एक एड-हॉक पैनल का गठन किया है, जो विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम के हेड कोच समेत बाकी सपोर्ट स्टाफ का चयन करेगा। इसके लिए BCCI ने आवेदन जारी कर दिए हैं, जिसकी आखिरी तारीख 30 जुलाई है।

इसी तरह की कमेटी, जिसे क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (CAC) कहा गया उसे पिछले साल दिसंबर में महिला क्रिकेट टीम का हेड कोच चुनने का प्रभार मिला। एक विवादास्पद तरीके से WV रमन को महिला क्रिकेट टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया था। इसी की समीक्षा अब बीसीसीआइ के एथिक्स ऑफिसर जस्टिस डीके जैन करने वाले हैं।

बीसीसीआइ के नए संविधान के अनुसार, सीओए को अपेक्स काउंसिल की कार्यप्रणाली से डिस्चार्ज कर दिया गया है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित की गई कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स के पास सीएसी के गठन करने के कोई अधिकार नहीं हैं। क्योंकि, ये बीसीसीआइ की जनरल बॉडी के साथ जुड़ी हुई है। नियमों के हिसाब से सीएसी को ही टीमों के कोच और सपोर्ट स्टाफ नियुक्त करने के अधिकार हैं।

इसी बात को लेकर बीसीसीआई के एक अधिकारी ने मिड-डे को बताया, “इसे एड-हॉक पैनल(खास कार्य के लिए बनाई गई कमेटी) नाम दिया है, जो सीएसी की तरह है। लेकिन, ये नई पैकेजिंग में पुराना सामान बेचने जैसा है।” अधिकारी ने ये भी बताया है कि नए संविधान के अनुसार सीओए ने बीसीसीआइ के एक्टिंग अधिकारी को भी टीम के सेलक्शन की मीटिंग में शामिल होने की अनुमति नहीं जो बीसीसीआइ के नियमों के खिलाफ है।

BCCI अधिकारी ने कहा, “इस तरह का पैनल नियुक्त करने के लिए सीओए के पास अधिकार नहीं हैं, लेकिन वे ऐसा कर चुके हैं। यह स्पष्ट रूप से बीसीसीआइ के नियमों की धज्जियां उड़ाता है। और ऐसा तब किया गया जब रमन का मामला बीसीसीआई के नैतिक अधिकारी के समक्ष पहले से ही लंबित था।”