
शुक्रवार को पाकिस्तान के दमदार तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया। महज 27 साल की उम्र में मोहम्मद आमिर ने क्रिकेट के इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है। पाकिस्तान के लिए 36 टेस्ट मैच खेलने बाद मोहम्मद आमिर का टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहना कई सवाल खड़े करता है।
मोहम्मद आमिर के संन्यास के पीछे कई कारण हो सकते हैं जिसमें एज फैक्टर, शॉर्ट फॉर्मेट का बढ़ता स्तर, टेस्ट क्रिकेट में चयन, डोमेस्टिक क्रिकेट से दूरी, इंजरी और परफॉर्मेंस की वजह से शायद मोहम्मद आमिर को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना पड़ा है। 36 टेस्ट मैचों में 119 विकेट अपने नाम करने वाले मोहम्मद आमिर के नाम कई रिकॉर्ड भी दर्ज हैं।
मोहम्मद आमिर दुनिया के पहले ऐसे क्रिकेटर थे, जिन्होंने सबसे कम उम्र में 14 टेस्ट मैचों में 51 विकेट चटकाए थे। इसके अलावा लॉर्ड्स टेस्ट में एक पारी में पाकिस्तान के लिए 6 विकेट लेने का रिकॉर्ड भी मोहम्मद आमिर के नाम दर्ज है। लेकिन, आइए जानते हैं क्या वजह रही जिसके कारण मोहम्मद आमिर ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा।
एज फैक्टर
पाकिस्तान के पत्रकारों और पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि भले ही कागजों में मोहम्मद आमिर की उम्र 27 साल है, लेकिन वे कम से कम 4 से 5 साल बढ़े हैं, क्योंकि पाकिस्तान में ऐसा होता है। ऐसे में एक तेज गेंदबाज के लिए अपनी फिटनेस को दांव पर लगाना उचित नहीं था। इसके अलावा इस उम्र में इंजरी का भी खतरा ज्यादा रहता है।
6 साल बाद वापसी
मैच फिक्सिंग की वजह से 6 साल क्रिकेट से दूर रहने वाले मोहम्मद आमिर के लिए वापसी करना और फिर लगातार तीनों फॉर्मेट में पाकिस्तान के लिए खेलकर अच्छा प्रदर्शन करना भी एक कारण हो सकता है। जब आप तीनों फॉर्मेट खेलते हैं तो किसी ना किसी फॉर्मेट में आपके प्रदर्शन पर फर्क पड़ता है। ये बात खुद मोहम्मद आमिर भी कबूल कर चुके हैं।
टी20 और वनडे क्रिकेट का स्तर
चूंकि, टेस्ट क्रिकेट 5 दिन का होता है और इसमें ज्यादा ऊर्जा लगानी होती है। ये भी एक कारण हो सकता है कि मोहम्मद आमिर ने टेस्ट से संन्यास लिया। इसका एक कारण ये भी है कि वे पाकिस्तान के लिए टी20 और वनडे क्रिकेट खेलने के साथ-साथ दुनियाभर की T20 लीग्स का भी हिस्सा रहें, जिनमें अच्छी खासी रकम क्रिकेटर्स को मिलती है।
डोमेस्टिक क्रिकेट और टेस्ट मैच में चयन
मोहम्मद आमिर घरेलू क्रिकेट नहीं खेलते और ना ही पाकिस्तान की टीम ज्यादा टेस्ट मैच खेल रही है। ऐसे में मोहम्मद आमिर को बीते कुछ महीनों में जब भी टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिला है तो वे औसत प्रदर्शन ही कर पाए हैं। मोहम्मद आमिर आखिरी 6 मैचों में 24 विकेट हासिल कर पाए हैं। इनमें से दो पारियों में उनको एक भी विकेट नहीं मिला है। ऐसे में उनका टेस्ट क्रिकेट में चयन होना और अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद रखना बेमानी होता।