भारतीय जनता पार्टी की सांसद मेनका गांधी की साड़ी पहने तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस तस्वीर को मेनका गांधी ने खुद अपने ट्विटर पर पोस्ट किया है। मेनका गांधी गुलाबी रंग की साड़ी में हैं और उन्होंने लिखा है- मैंने जो साड़ी पहनी है उसे पंडित जवाहर लाल नेहरू ने उस वक्त बुना था जब वह जेल में थे।
यह साड़ी 70 साल पुरानी है। मेनका ने ही आगे लिखा है कि उन्होंने यह साड़ी बनारस में बेटे वरण गांधी और बहू यामिनी की शादी में पहनी थी। उन्होंने यह भी लिखा है कि यह साड़ी मुझे सास इंदिरा गांधी ने दी थी। साड़ी वाली पोस्ट के बाद मेनका गांधी एक बार फिर सोशल मीडिया पर उसी तरह से चर्चाओं में है जैसे वह लोकसभा चुनाव के वक्त अपने एक बयान को लेकर थीं। आइए संजय गांधी के साथ मेनका की लव स्टोरी के बारे में जानते हैं…
संजय गांधी और मेनका गांधी की लव स्टोरी बेहद खूबसूरत है। कहते हैं कि एक विज्ञापन में उन्होंने अपने से 10 साल छोटी मेनका को देखा और देखते ही दिल दे बैठे। मेनका गांधी को भी संजय गांधी से पहले ही नजर में प्यार हो गया था। 17 साल की छोटी उम्र में ही मेनका को मॉडलिंग में ब्रेक मिला था। एक विज्ञापन के लिए मेनका ने शूटिंग की थी और उसी विज्ञापन में देखकर संजय उन्हें अपना दिल दे बैठे थे।
मेनका की कजिन वीनू कपूर की शादी की पार्टी 1973 में दोनों की पहली मुलाकात हुई थी और फिर उनकी मुलाकातों का सिलसिला बढ़ गया। धीरे-धीरे उनका प्यार परवान चढ़ा और करीब एक साल के अंदर 1974 में दोनों की शादी हो गई।
मेनका की मां को दोनों का प्यार पसंद नहीं था। यही वजह थी कि उन्होंने मेनका को दादी के घर भेज दिया। जुलाई 1974 को मेनका घर लौंटी और करीब एक महीने बाद ही दोनों की सगाई हो गई। इसके बाद 23 सितंबर 1974 में दोनों की शादी हो गई। उस वक्त मेनका की उम्र मात्र 18 साल थी। दोनों में उम्र का बड़ा फासला था। मेनका संजय से 10 साल छोटी थीं।
संजय गांधी प्लेन उड़ाने के शौकीन थे और इसी शौक ने उनकी जान ले ली। दिल्ली में विमान हादसे में 23 जून को उनकी मौत हो गई। कहा जाता है कि संजय की मौत की खबर कई घंटों बाद मेनका को दी गई थी। घटना के वक्त वरुण गांधी मात्र 3 महीने के थे। स्वर्गीय इंदिरा गांधी अपने बेटे संजय गांधी की मृत्यु के बाद छोटी बहू मेनका को राजनीति में लाने में मदद करना चाहती थीं। लेकिन मेनका ऐसे लोगों के साथ थीं जो राजीव गांधी के विरोधी थे। स्वर्गीय इंदिरा गांधी के व्यक्तिगत डॉ. केपी माथुर ने अपनी पुस्तक ‘द अनसीन इंदिरा गांधी’ में इस बात का उल्लेख किया है। डॉ. माथुर के अनुसार, ‘यद्यपि सोनिया के प्रति इंदिरा का अनुराग अधिक था लेकिन संजय की मौत के बाद उनका झुकाव मेनका की ओर थोड़ा ज्यादा हो गया था। हालांकि, इससे मेनका उनके करीब नहीं आ सकी। सोनिया आम तौर पर घरेलू मामलों की जिम्मेदारी संभालती थीं जबकि राजनीतिक मामलों में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, मेनका के विचारों पर गौर करती थीं क्योंकि मेनका की राजनीतिक समझ अच्छी थी।’