
जय श्रीराम का नारा न लगाने पर एक संप्रदाय के लोगों की पिटाई का मामले लगातार बढ़ते जा रहें हैं. इसी कड़ी में बागपत का नाम भी जुड़ गया है. आरोप है कि बाइक से अपने घर जा रहे मौलवी को दर्जनभर युवकों ने रोक दिया और जबरन जय श्रीराम का नारा लगाने का दबाव बनाया और जब मौलवी ने ऐसा करने से मना किया तो फिर उनकी बेरहमी से पिटाई की गई और टोपी गिराने और दाढ़ी पर हाथ डालने का भी प्रयास किया गया. मौलवी की पिटाई होती रही और भीड़ तमाशबीन बनी रही, जिसके बाद जैसे-तैसे मौलवी ने भागकर जान बचाई. 
मौलवी इमलाउर रहमान ने बताया कि “रविवार की रात जब वह दोघट थाना इलाके के सरोरो गांव के पास पहुंचे तो रास्ते में 10/12 लड़के मिले, जो कि पहले से ही रोड पर तैयार थे. वह सभी गाड़ी के सामने आकर खड़े हो गए. जिसके बाद उन्होंने मुझसे मारपीट करना शुरू कर दी. उसके बाद दाढ़ी टोपी पर भी हाथ डाला. उन्होंने मुझे जय श्री राम की नारेबाजी करने के लिए कहा. उसके बाद जब मैंने इन चीजों की मना की तो वो जो फावड़ा लिए हुए थे. उसको लेकर मुझे जान से मारने के लिए आ गए. जिसके बाद मैं बहुत मुश्किल से अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकला. कुछ देर बाद जब वो वहां से चले गए तो मैं अपनी बाइक लेकर वापस चौकी आया और साथ ही अपने दोस्त को फोन किया.
इस घटना की जानकारी उनके परिवार को मिली तो उनमें भी आक्रोश फैल गया. परिवार के लोगों का कहना है कि कुछ लोग माहौल खराब करने पर तुले हैं और ऐसे लोगों पर सख्त एक्शन होना चाहिए. मेरे भाई को जबरन जय श्रीराम का नारा लगाने के लिए मजबूर किया गया और जब उसने मना किया तो उसे बुरी तरह पीटा गया. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं इस पर बागपत पुलिस का कहना है कि वह मामले की जांच करेंगे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

इमलाउर रहमान के भाई ने कहा कि ‘मारपीट करने वाले ये लोग चाहे वो बजरंग के हो या किसी भी लाइन के हों, किसी महकमे के हों. उन्होने मेटे भाई के साथ मारपीट की, उनके सिर से टोपी को उतारा और जय श्री राम के नारे बुलवाना चाहे और फिर उनकी सख्त पिटाई की. जब उन्होंने जय श्री राम का नारा लगाने से मना कर दिया तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई, जिसके बाद वह जान बचाकर वहां से भाग निकले. उनके फोन करने पर जब हम घटनास्थल पर पहुंचे तो देखा तो उनके मुंह से खून निकल रहा था.’