
भारी जनादेश के साथ दोबारा सत्ता में आई मोदी सरकार ने बीते शुक्रवार को बजट पेश किया, जिसमें सरकार ने किसान, गरीब, गांव, महिलाओं और सरकारी नीतियों को फोकस में रखा, लेकिन इन सब के बीच आम आदमी की मुश्किलें थोड़ी बढ़ा दी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार 2.0 के पहले पूर्ण बजट में आम आदमी की आस पर ध्यान नहीं दिया. दरअसल, मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों पर ही एक-एक रुपये एक्साइज ड्यूटी और एक रुपए सेस लगाने का फैसला किया है, जिससे मध्य प्रदेश में शनिवार की सुबह से ही पेट्रोल और डीजल के दामों में जमकर इजाफा देखने को मिला.
केंद्र सरकार के बजट पेश करने के तुरंत बाद ही मध्य प्रदेश सरकार ने भी पेट्रोल और डीजल पर दो-दो रुपए अतिरिक्त ड्यूटी लगा दी है. ऐसे में अब राज्य की जनता को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. वाणिज्य कर विभाग ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद केंद्र और राज्य की ड्यूटी में वृद्धि हुई है, जिससे प्रदेश में पेट्रोल के दाम में प्रति लीटर 4.56 रुपये और डीजल में 4.36 रुपए का इजाफा हुआ है.
अब मध्यप्रदेश में तेल पर कितना टैक्स
मध्य प्रदेश में पेट्रोल पर 28 फीसदी वैट, एक प्रतिशत सेस के साथ डेढ़ रुपए अतिरिक्त कर लगता था, जो बढ़ाकर 3.50 रु. कर दिया गया है. वहीं डीजल पर 18 फीसदी वैट और एक प्रतिशत सेस लगता था, जिसे राज्य सरकार के फैसले के बाद अब दो रुपए अतिरिक्त ड्यूटी कर दिया गया है.