रोबोट के कलपुर्जों को इकट्ठा करने में मदद करेगा नया यंत्र

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक ऐसी छोटी मोटर विकसित की है जो उबड़-खाबड़ सतह पर भी आसानी से घूमने के साथ-साथ अपने गियर को चालू कर आगे-पीछे हो सकती है। मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआइटी) की टीम ने कहा कि यह मोबाइल मोटर रोबोट के कलपुर्जों को आसानी से इकट्ठा कर उसे नियत स्थान पर ले जाने में मदद कर सकती है।

एमआइटी के प्रोफेसर नील गेर्शेनफेल्ड ने कहा कि इसे बनाने के लिए एक ऐसी एप्लीकेशन का प्रयोग हुआ है जो सीमित जगहों पर भी आसानी से छोटे रोबोट को तैयार करने में मदद कर सकती है। उन्होंने कहा कि यह मोटर में अपने वजन को सात गुना ज्यादा वजन उठाने में सक्षम है। इसे बनाने के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने एक मोटर में कई तरह के पुर्जों को जोड़ने के बाद उसे उबड़-खाबड़ जगहों पर भी चलने लायक बनाया। शोधकर्ताओं ने कहा कि जिस तरह से ये मोटर चलती है उसे देखकर लगता है कि ये मॉलीक्यूर (अणुओं से चलने वाली) मोटर है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि इस मोटर में किसी वस्तु को पकड़ने विशेष ग्रिपर और चलने के लिए यांत्रिक पहिए जोड़े गए हैं जो विषम परिस्थिति में भी आसानी से अपना काम कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस मोटर में कई प्रकार की डिजीटल सामग्री भी जोड़ी गईं जो इसे इसकी विशेषताओं को और बढ़ाती है। वस्तुओं पर इसकी पकड़ मजूबत बनाने के लिए शोधकर्ताओं ने छोटे-2 सर्किटों को इसके ग्रिपर और यांत्रिक पहियों से जोड़ा है जो विद्युत संकेतों के जरिए उसे आगे बढ़ने में भी मदद करते हैं। शोधकर्ताओं ने इस मोटर को फिनलैंड के हेलसिंकी में चल रहे ‘इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन मैनिपुलेशन, ऑटोमेशन एंड रोबोटिक्स एट स्माल स्केल में प्रस्तुत किया है। जहां विशेषज्ञों से इसे खूब सराहना मिल रही है।

प्रोफेसर नील ने गेर्शेनफेल्ड कहा कि एमआइटी के शोधार्थियों द्वारा विकसित की गई इस मोटर की क्षमताओं को और बढ़ाकर भविष्य में रोबोट को तैयार करतने में आसानी होगी। ये मोबाइल मशीन रोबोट के छोटे और महीन कल्पुर्जों को आसानी से नियत स्थान पर पहुंचा सकती है। इससे वैज्ञानिकों को रोबोट को विकसित करने में सहूलियत होगी।