
अमेरिका हर साल 4 जुलाई को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है। इस मौके पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज पूरी दुनिया को अपनी सेना की ताकत दिखाना चाहते हैं। ट्रंप ने पेंटागन को अमेरिका डे के दिन राजधानी वाशिंगटन में सलामी परेड में सेना के टैंक प्रदर्शित किए जाने के आदेश दिए हैं। ट्रंप ने पेंटागन से मार्शल टैंक और लड़ाकू विमान मंगाए हैं। ट्रंप ने अमेरिका डे के दिन आतिशबाजी करने के लिए भी कहा है। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि वाशिंगटन डीसी में 4 जुलाई का जश्न, अमेरिका को सलाम। पेंटागन और हमारे महान सैन्य अधिकारी इसे लेकर उत्साहित हैं। अमेरिका के लोगों को दुनिया की सबसे मजबूत और सबसे उन्नत सेना समेत अन्य चीजें दिखाएंगे। ट्रंप के इस फैसले के लिए उन्हें अब अमेरिकियों का विरोध झेलना पड़ रहा है। आलोचकों का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में फिर से जीतने के लिए सेना का इस्तेमाल कर रहे हैं।
आखिर ट्रंप की क्यों हो रही आलोचना ?
दरअसल, अमेरिका में स्वतंत्रता दिवस परेड पर कोई सैन्य परेड नहीं होती है। अब तक अमेरिका के सभी पूर्व राष्ट्रपतियों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को बेहद सादगी से मनाया है। लेकिन अमेरिकी ष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 4 जुलाई को अमेरिका डे के मौके पर देश की सैन्य ताकत को दिखाना चाहते हैं। लिहाजा स्वतंत्रता दिवस परेड में सैन्य परेड को लेकर ट्रंप के इस फैसले ने विवाद पैदा कर दिया है। जिस वजह से वो आलोचकों के सीधे निशाने पर आ गए हैं।
इतिहास में क्या हुआ है ?
जून 1991 में वॉशिंगटन में टैंक और सैन्यकर्मियों की परेड हुई थी। तब 8,000 सैनिकों ने इराक पर पहले अमेरिकी आक्रमण के अंत का जश्न मनाने के लिए नेशनल विक्ट्री सेलिब्रेशन परेड की थी।
व्हाइट हाउस और पेंटागन कई महीनों से इस सैन्य परेड की तैयारी कर रहे हैं। ट्रंप ने जनवरी, 2017 में राष्ट्रपति चुने जाने के फौरन बाद स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर सैन्य परेड की इच्छा जताई थी।