
पाकिस्तान के ऐतिहासिक लाहौर किले में 19वीं सदी के शुरू में पंजाब पर करीब 40 साल हुकूमत करने वाले महाराज रणजीत सिंह की आदम कद प्रतिमा का गुरुवार को अनावरण किया गया. यह अनावरण उनकी 180वीं बरसी के मौके पर किया गया है. अपने पसंदीदा घोड़े पर बैठे सिख शासक की आठ फुट ऊंची प्रतिमा को पूरा करने में आठ महीने लग गए। इस घोड़े को बाराज़कई वंश के संस्थापक दोस्त मुहम्मद खान 
ने उन्हें उपहार में दिया था. मूर्ति को एक विशेष समारोह के दौरान लाहौर किले में माई जिंदन हवेली की सिख गैलरी में स्थापित किया गया. इस कार्यक्रम में आला पाकिस्तानी अफसरों ने शिरकत की. इस हवेली का नाम रणजीत सिंह की सबसे कम उम्र की रानी के नाम पर है.
सिख हेरिटेज फाउंडेशन के अध्यक्ष बॉबी सिंह बंसल ने बताया कि प्रतिमा का वजन लगभग 250-330 किलोग्राम है. इसे 85 प्रतिशत कांस्य, पांच प्रतिशत टिन, पांच प्रतिशत सीसा और पांच प्रतिशत जिंक से बनाया गया है