
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए सरकार ने नई पहल की है। इसके तहत केंद्र ने भ्रष्ट और नाकारा कर्मचारियों के बाहर का रास्ता दिखाने के लिए बैंकों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं अपने सभी विभागों से अपने कर्मियों के सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा करने को कहा है। इसकी शुरूआत 15 जुलाई 2019 से होगी।
