भारत के इस राज्य में जाकर अपनी पसंद की लड़की को बनाए एक साल के लिए पत्नी.

भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां ज्यादा से ज्यादा धर्म, समुदाय के लोग रहते हैं इन्हीं खासियतों की वजह से भारत पूरी दुनिया में मशहूर है. यहां के ज्यादातर राज्यओ में कई संस्कृतियां और परम्पराएं देखने को मिलती हैं. जिसके चलते कई बार तो दूसरे देश से लोग भारत में संस्कृति और परम्परा को देखने के लिए आते हैं और यहीं के होकर रह जाते हैं. वहीं कई बार भारत में परम्परा के नाम पर कुछ ऐसा होता है, जिसके बारे में शायद ही कोई सोच सकता हो.
वैसे तो भरतीय लोग महिलाओं को देवी का दर्जा देने की बात कहते हैं, वहीं उसी देवी के साथ आए-दिन शोषण होते रहे हैं. आज के समय भी भारत में कुछ ऐसी जगह हैं जहां महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं है और परम्परा के नाम पर माहिलाओं के साथ बहुत कुछ गलत किया जाता है. आज हम आपको एक ऐसी परम्परा के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानकर आप हैरत में पड़ सकते हैं, तो आइए बताते हैं आपको.

 

 

महिलाओं को बेचने की परम्परा
मध्यप्रदेश में स्थित शिवपुरी इलाक़े में बेहद प्राचीन परम्परा है, जिसे ‘धड़ीचा प्रथा’ के नाम से जाना जाता है. जिसके अनुसार हर वर्ष यहां पर एक मंडी लगती है, जिसमें फल-सब्जी नहीं बल्कि महिलाओं को बेचा जाता है, हैरानी की बात तो ये है कि यहां महिलाओं के बेचने वाले उनके खुद के परिवार के लोग होते हैं और वो अपने घर की महिलाओं का सौदा करीब एक साल के लिए करते हैं.
दहेज लेकर नहीं देकर बनाते हैं पत्नी
इस परम्परा के अनुसार कोई भी व्यक्ति पैसे देकर एक साल के लिए महिलाओं को अपने घर ले जाकर पत्नी बना सकता है. जिसके चलते इस मंडी में पुरुष हर साल आते हैं और अपनी पसंद की लड़की का सौदा कर उन्हें एक साल के लिए अपने घर ले जाते हैं. जिसके बाद एक साल के लिए वो लड़की उस व्यक्ति की पत्नी बनकर उसके साथ रहती है. इतना ही नहीं अगर किसी व्यक्ति को वो महिला कुछ ज्यादा ही पसंद आती है तो उसके परिवार वालों को और ज्यादा पैसे देकर दो साल के लिए उस महिला को अपनी पत्नी के रूप में रख सकता है.
कानूनी तौर पर होता है लड़कियों का सौदा
अपनी पसंद की लड़की को न केवल लड़का पैसे देकर एक साल के लिए पत्नी बनाता है, बल्कि उसे सबूत के तौर पर स्टांप पेपर पर सौदे की लिखा-पढ़ी भी करनी पड़ती है, जिसके चलते वो लड़की कानूनी तौर पर एक साल के लिए उस व्यक्ति की पत्नी बन जाती है.