इस साल मध्य और पूर्वी भारत समेत देश के कई हिस्सों में प्रचंड गर्मी पड़ने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस बार मानसून के पहले होने वाली बारिश 59.6 मिमी रिकॉर्ड की गई है। यह औसत से 27 फीसदी कम है। मध्य और पूर्वी भारत के किसानों को इससे सबसे ज्यादा नुकसान होगा। जिन्हें जून में बुआई के मौसम में पानी की कमी का सामना करना पड़ेगा।

पहले से ही यहां के किसान मानसून पूर्व बारिश में आई कमी का सामना कर रहे हैं। इसका असर भारत के फसल पैदावार पर भी पड़ेगा। अरुणाचल प्रदेश सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों को इस बार बारिश में आई कमी का सामना करना पड़ेगा। जबकि ऐसी ही स्थिति पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल, जम्मू और कश्मीर, महाराष्ट्र और गुजरात में भी बनेगी।
मौसम विभाग के अनुसार, बारिश में आई कमी से देश के कई हिस्से शुष्क गर्मी की चपेट में रहेंगे। इसके अलावा यह भी पूर्वानुमान लगाया गया है कि इस दौरान राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्यप्रदेश, झारखंड और ओडिशा में गर्म हवाएं लोगों को ज्यादा परेशान करेंगी। देश के कई हिस्सों में मानसून से पहले होने वाली बारिश में पिछले दो महीनों की तुलना में भी 30 फीसदी से ज्यादा की कमी देखी गई है। पहले से ही सूखे की मार झेल रहे मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में हीट वेब चलने की स्थितियां बन रही हैं।
मौसम विभाग ने बुलेटिन जारी कर कहा है कि 25 अप्रैल से 1 मई के दौरान उत्तर पश्चिम, मध्य और पूर्व भारत के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है।
भारत के इस शहर में पड़ रही पूरी दुनिया से ज्यादा गर्मी
मध्यप्रदेश के खरगोन शहर ने गर्मी के मामले में दुनियाभर के तमाम शहरों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस शहर का तापमान 47 डिग्री तक पहुंच गया है, जिसके कारण शहर भट्टी की तरह तप रहा है। तेज धूप और भीषण गर्मी से लोगों का हाल बेहाल हो गया है। लू के थपेड़े के बीच दिन में सड़कों पर सन्नाटा सा छा जाता है।
अल डोराडो मौसम वेबसाइट के अनुसार खरगोन का तापमान 46.6 डिग्री रहा और ये शहर दुनिया का सबसे गर्म शहर रहा। जबकि महाराष्ट्र का अकोला 46.4 डिग्री के साथ दुनिया के दूसरे नंबर पर रहा। देश के 13 सबसे गर्म शहरों में मध्यप्रदेश के 5 शहर, खरगोन, खंडवा, होशंगाबाद, खजुराहो और नौगांव शामिल हैं। मौसम विभाग की सूचि में दुनिया के 15 सबसे गर्म शहरों में भारत के 13 शहर शामिल हैं।
आईएमडी ने 1901 से लेकर अब तक 2019 को सबसे गर्म साल घोषित किया है। इस साल गर्मी पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। महाराष्ट्र के नागपुर को गर्मी के मामले में दुनिया के नौवें नंबर पर रखा गया है। नागपुर में पारा 45.2 रहा।
मौसम विभाग के अनुसार अनुमान जताया जा रहा है कि फिलहाल इन शहरों का तापमान 45-47 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक सबसे अधिक गर्मी मध्य भारत के लोगों को झेलनी पड़ेगी। वहीं विभाग ने यह भी बताया कि 0.5 डिग्री सेल्सियस का तापमान इस वर्ष बढ़ सकता है।
इन कारणों से मध्यप्रदेश में बढ़ी गर्मी
अरब सागर में विपरीत हवा के चक्रवात बनने के कारण गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश की तरफ नमी नहीं आ रही है। 1.5 किलोमीटर उपर बने इस चक्रवात का एक्सटेंशन 6 से 7 किलोमीटर उपर तक है।
आसमान में बादल न होने से सूर्य का रेडिएशन भी ज्यादा हो रहा है। जिससे धरती गर्म हो रही है। जमीन से लगभग एक किलोमीटर उपर तक हवा के उपरी हिस्से में चक्रवात बन रहा है। चेन्नई में स्थित माैसम केंद्र ने बंगाल की खाड़ी में फैनी चक्रवात काे लेकर अलर्ट जारी किया। यह चक्रवात वर्तमान में चेन्नई से करीब 1200 किमी दक्षिण-पूर्व में केंद्रित है हालांकि इसका केंद्र लगातार बदल रहा है। लेकिन, मध्य भारत पर इसका कोई असर नहीं होगा।