
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कई हॉस्टल अपराधियों की पनाहगाह बन गए हैं। पीसीबी हॉस्टल में विधि छात्र रोहित शुक्ला की हत्या ने एक बार फिर छात्रावासों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कई सालों से हॉस्टल के छात्रों के बीच वर्चस्व की जंग छिड़ी है। एक ही छात्रावास में रहने वाले छात्रों के कई गुट आपस में ही फायरिंग और बमबाजी कर दशहत फैलाते रहे हैं। पीसीबी और ताराचंद्र छात्रावास में वर्चस्व की जंग उफान पर है। पुलिस ने छापामारी अभियान चलाया लेकिन बदनामी ने इन हॉस्टलों का पीछा नहीं छोड़ा।
अच्युतानंद और आशुतोष के करीबी छात्रों में वर्चस्व की जंग
पीसीबी हॉस्टल में आधी रात रोहित शुक्ला को जिस ढंग से गोलियों से भूना गया, उससे छात्रनेता सुमित उर्फ अच्युतानंद शुक्ला की हत्या की याद ताजा हो गई। आधी रात जन्मदिन की पार्टी के दौरान अच्युतानंद शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड को सीएमपी छात्रसंघ अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी, हरिकेश मिश्र और सौरभ सिंह उर्फ प्रिंस ने अंजाम दिया था। फिलहाल सभी जेल में हैं, लेकिन अच्युतानंद और आशुतोष के करीबी छात्रों के बीच आए दिन फायङ्क्षरग और बमबाजी की घटनाएं होती रहती हैं। अच्युतानंद गोंडा का रहने वाला था। इसी प्रकार आरोपित आशुतोष त्रिपाठी बलरामपुर तो हरिकेश मिश्र सुल्तानपुर का। पूर्वांचल समेत अन्य जिलों से आए छात्र यहां दबंगई तो करते ही हैं साथ ही वह अपने जिलों के अपराधियों को हास्टल में पनाह भी देते हैं। ऐसा ही हाल ताराचंद्र और हालैंड हाल छात्रावासों का है।
हास्टलों में तलाशी में मिला था देसी बमों का जखीरा
अभिषेक सिंह माइकल और अच्युतानंद शुक्ला के बीच चल रही जंग जगजाहिर थी। दो साल पहले पीसीबी, ताराचंद्र और हालैंड हाल में पुलिस और पीएसी ने तलाशी अभियान चलाया तो हॉस्टल के कमरे, मेस और छतों पर देसी बमों का जखीरा मिला था। यहां तक की स्टोर रूम में देसी बम बनाने के लिए छात्रों ने बारूद तक जमा किए हुए थे। एक साल पहले ताराचंद्र हास्टल के छात्रों ने बसपा नेता राजेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। आधी रात हास्टल के गेट पर राजेश यादव को गोली मारी गई थी। ङ्क्षहदू हास्टल में आए दिन मारपीट, गेट के बाहर बमबाजी की घटनाएं आम हैं।
कहते हैं एसपी सिटी
एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव के मुताबिक, हॉस्टलों में छापामारी और तलाशी अभियान लगातार चलाए गए। पुलिस सख्त होती थी तो बदमाश वहां आना छोड़ देते थे लेकिन बाद में धीरे धीरे फिर अपराधी जमा होने लगते हैं। अब एक बार फिर से बड़ा अभियान चलाया जाएगा।