देश को विखंडित करने वाली है कांग्रेस की घोषणा – बृजलाल

टाडा और पोटा कानून के बाद कांग्रेस द्वारा धारा-124 A को समाप्त करने की घोषणा देश विरोधी कार्य है।यह कहना है प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल का। उन्होने कहा कि 2जुलाई 1971 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा Maintenance of Internal Security Act-1971 ) MISA क़ानून पास कराया गया था जिसका व्यापक दुरुपयोग आपातकाल (1975-1977) के दौरान किया गया और राजनैतिक विरोधियों को जेल में अनिश्चितकल तक बंद रखकर प्रजातंत्र का गला घोंट दिया गया।

बृजलाल के अनुसार उसी राह पर चलते हुए यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी जी ने साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा (निवारण बिल )-2011 ड्राफ़्ट तैयार करवाया जिसे बहुचर्चित हिंदू विरोधी व आतंकवादी समर्थक अनु आगा, तीश्ता शीतलवाड़, जॉन दयाल , फ़राह नकवी , शबनम फ़ारूक़ी , हर्ष मनडेर व सैयद शहाबुद्दीन की टीम द्वारा तैयार किया गया था। बहुसंख्यक हिंदू समाज को बांटने, हिंदू संगठनों आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद आदि को कुचलने की लिए यह क़ानून लाया जा रहा था।

पंजाब में आतंकवाद की समस्या से निबटने की लिए 23मई 1985 को Terrorist and Disruptive Activities (Prevention) Act-TADA लाया गया जिसे कांग्रेस पार्टी ने 1995 में समाप्त कर दिया। ममता बनर्जी संसद में धरने पर बैठ गयीं और ग़ुलाम नबी आज़ाद तथा सी. के. जाफ़र शरीफ़ भी इसे समाप्त करने पर अड़ गए।अटल बिहारी बजपायी सरकार ने आतंकवाद का सामना करने हेतु Prevention of Terrorist Activities ऐक्ट-2002 (POTA)बनाया जिसे कांग्रेस की यूपीए सरकार ने 2004 में सत्ता में आते ही समाप्त कर दिया।

उन्होने कहा कि आतंकवाद , नक्सलवाद व देश विरोधी गतिविधियों का सामना करने हेतु धारा-124 A IPC ही बची थी , उसे भी कांग्रेस पार्टी ने समाप्त करने की घोषणा कर दी है जिससे आतंकवादियों , देशविरोधी तत्वों की बाँछे खिल गयी है। यह देश को विखंडित करने का “ टुकड़े- टुकड़े “ गैंग का षड़यंत्र है जिसे कांग्रेस पार्टी आगे बढ़ा रही है, अब तो कश्मीर को देश से अलग करने की घोषणा ही बाक़ी रह गयी है, यही तो पाकिस्तान समर्थक आतंकवादी , कश्मीरी अलगाववादी चाहते है जिसकी परोक्ष रूप में घोषणा हो गयी है ।