
जामिया उर्दू के विरूद्ध दायर याचिका को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया, यह याचिका जामिया उर्दू के पूर्व सदस्य उस्मान खान और हाजी मुकीत अली ने दायर की थी,,,उस्मान पर आरोप है कि वह जामिया उर्दू को कब्जाना चाहते थे,,,!!
अलीगढ़ के जेएन मेडिकल रोड स्थित एएमयू से सम्बद्ध जामिया उर्दू के रजिस्ट्रार शामून रजा नकवी ने यह जानकारी मीडिया को देते हुए बताया कि कुछ स्वार्थी लोग जामिया उर्दू और उर्दू भाषी लोगों के हितों के खिलाफ कार्य कर रहे हैं, पूवॅ सदस्य मौहम्मद उस्मान खान आदि ने वर्ष 2009 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्टेट ऑफ यूपी एण्ड आदि के खिलाफ याचिका दायर की थी, इस याचिका में मौहम्मद उस्मान खान ने स्वयं को जामिया उर्दू का सदस्य बताते हुए जामिया उर्दू के उच्च अधिकारियों के खिलाफ झूठी और बेबुनियाद शिकयतें की थी, श्री नकवी ने कहा कि उन्होंने उर्दू प्रेमियों को गुमराह करने की कोशिश की और जामिया उर्दू के उच्च अधिकारियों पर अनुचित दबाब डालकर स्वयं का हित पूरा करना चाहते थे, इसी क्रम में हाजी मुकीत अली ने भी याचिका दायर की थी, उच्च न्यायाल ने दोनों याचिकाओं को खारिज करते हुए दोनों को जामिया उर्दू का सदस्य नहीं माना है, इस अवसर पर ओएसडी फरहत अली खान और निदेशक डा. जसीम मौहम्मद भी मौजूद थे।