दिल्ली के गेंदबाजों से टकराते दिखे वाटसन, इशांत के बाद रबाडा को बनाया निशाना

ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेटर स्लेजिंग करने के लिए बदनाम रहे हैं. आईपीएल में मंगलवार (26 मार्च) को चेन्नई और दिल्ली की टीमों के बीच खेले गए मुकाबले में भी इसका एक रूप देखने को मिला. चेन्नई के लिए खेलने वाले ऑस्ट्रेलिया के शेन वाटसन ने इस मैच में दिल्ली के दोनों गेंदबाजों को निशाना बनाया. उन्होंने ना सिर्फ इनकी गेंदों को आक्रमण किया, बल्कि मैदान पर इनसे टकराते भी दिखे.

स्लेजिंग यानी छींटाकशी का पहला मौका तब देखने को मिला जब वाटसन तीसरे ओवर की समाप्ति के बाद गेंदबाज इशांत शर्मा से लगभग टकराते-टकराते बचे. इशांत इससे गुस्से में नजर आए और वे वाटसन से बहस भी करने लगे. बहस गंभीर होती देख अंपायर और दिल्ली के कप्तान श्रेयस अय्यर ने बीच बचाव किया.

कुछ देर बाद शेन वाटसन फिर विरोधी गेंदबाज के लगभग सामने आ गए. इस बार गेंदबाज कैगिसो रबाडा थे. दक्षिण अफ्रीका के रबाडा जब पारी का छठा ओवर फेंक रहे थे तब वाटसन ने उनकी पहली ही गेंद पर एक रन लिया. इस बार भी वे रबाडा से टकराते-टकराते बचे. इस बार रबाडा उनसे बहस करने लगे. उनके साथी खिलाड़ियों और अंपायर ने एक बार फिर बीचबचाव किया.

इन दोनों ही घटनाओं में एक बात कॉमन थी. इन दोनों ही मौकों पर वाटसन ना तो गुस्से में दिख रहे थे और ना ही वे तनाव में थे. दूसरी ओर इशांत उनसे बहस के दौरान बेहद गुस्से में दिखे. जबकि रबाडा ने उनसे बहस तो की, लेकिन इस दौरान उनके चेहरे पर मुस्कान बिखरी हुई थी.

दोनों ही घटनाओं से ऐसा लगा कि वाटसन जानबूझकर विरोधी गेंदबाजों को छेड़ रहे थे. लेकिन वे ऐसा करते वक्त यह ध्यान रख रहे थे कि वे उस हद में रहें, जिससे उन पर किसी तरह की कार्रवाई ना हो और गेंदबाज डिस्टर्ब भी हों. ऐसा करके वे दिल्ली पर दबाव बना रहे थे, जो सिर्फ दो स्पेशलिस्ट तेज गेंदबाजों के साथ उतरी थी. बहरहाल यह कहा जा सकता है कि यह खिलाड़ियों के बीच मीठी नोकझोंक थी, जो  क्रिकेट को खूबसूरत ही बनाती है.

शेन वाटसन इस मैच में दोनों तरह से कामयाब रहे. उन्होंने बल्लेबाजी करते हुए 26 गेंदों पर 44 रन की बेहतरीन पारी खेली. इनमें चार चौके और तीन छक्के शामिल रहे. दूसरी ओर, दिल्ली के दोनों तेज गेंदबाज अपने शुरुआती स्पेल में विकेट नहीं ले सके.