
अक्सर पार्टनर के साथ सम्भोग करने के बाद प्राइवेट पार्ट में तरह-तरह का महक निकलने लगता है। किसी भी सेनशुअस हॉट सेशन के बाद अजीब-अजीब तरह का महक निकलने लगता है। लेकिन वह महक सीमन या शुक्राणु का होता है या वैजाइनल फ्लूइड का समझना मुश्किल हो जाता है। सम्भोग के दौरान जब दोनों उत्तेजित हो जाते हैं तब दोनों के पसीने से तरबदर शरीर के महक के साथ वैजाइनल लुब्रिकेशन, सीमन और सिक्रेशन सब एक साथ मिलकर अजीब से महक का संचार करते हैं। सब तरह के ल्यूब्स और स्परमिसाइड्स कस्तूरी जैसा महक पैदा करते हैं।
$क्चुअल इंटरकोर्स के दौरान वैजाइना से एसिडिक चीज और पेनिस से जो अल्कलाइन चीज निकलता है दोनों का महक एक साथ एक अलग तरह का गंध पैदा करते हैं। जिसका महक वैजाइनल फ्लूइड और स्पर्म दोनों के महक से बिल्कुल नहीं मिलता है। शारीरिक मिलन के बाद शरीर का जो पीएच लेवल लो हो जाता है उस पर ये स्मेल निर्भर करता है। आपके खान-पान के ऊपर भी शरीर का पी.एच.लेवल लो होता है।
यहां तक कि कंडोम का इस्तेमाल करने के बावजूद थोड़ा महक तो निकलता ही है। विशेषकर दोनों के बीच जब सम्भोग बहुत ही उत्तेजित तरीके से होता है तब वैजाइना में घर्षण होता है जिससे सूजन होने की संभावना होती है। इससे एक मीठी महक का एहसास होता है।
अगर गंध बदबू में परिवर्तित हो रहा है तब आपको तुरन्त बैक्टिरीयल असंतुलन की जांच करनी होगी। आपके वैजाइना के पीएच बैलेंस से एक तरह का बैक्टिरीयल वैगिनोसीस निकलता है। इसके अलावा सीमन में यदि कोई इंफेक्शन हुआ है तो उसके कारण भी बदबू निकलता है। वैजाइना से जो सफेद रंग का डिस्चार्ज होता है उसके कारण भी बदबू निकलने लगता है।
अक्सर प्राइवेट पार्ट्स की सही तरह से साफ-सफाई न करने के कारण भी बदबू निकलता है। इसलिए सम्भोग करने के पहले और बाद में प्राइवेट पार्ट्स को धोना न भूलें। बार-बार वल्वा को धोने से इंफेक्शन होने की संभावना कम हो जाती है।