पुलवामा में शहीद हुए जवानों को दीपदान व पुष्प अर्पित कर, किया गया कवि सम्मेलन का प्रारंभ

स्थानीय तहसील अन्तर्गत ग्राम पंचायत सरांय स्थित छत्रपाल बाबा धाम देव स्थान पर द्वादस रूद्रमहायज्ञ में प्रथम दिवस पर आयोजित कवि सम्मेलन का प्रारंभ पुलवामा में सहीद हुए जवानों को दीपदान व पुष्प अर्पित कर किया गया.
कार्यक्रम सुभारम्भ करते हुए कवि केदारनाथ शुक्ल ने कहा देश बाटने पर जो तुले है वह खुले है अब ऐसे मानमीर मार मार कर निकाले जाये। वही कवि जगजीवन मिश्र ने कहा मतवाले मगन होते है तो मन में झूम लेते है मिल फिर मौत से करके तिरंगा चूम लेते है।कवि देवेश तिवारी ने कहा कि कसम तिरंगे की लिए जो गया युद्ध भूमि पीछे हटता नही जवान मेरे देश का। कट जाय सीर्ष रंच मात क्लेस नही घटने नही पाये स्वाभिमान मेरे देश का। वही कवि नवल ने कहा कि बाईजत वापस अगर लैटा नही जवान हश्र बहुत होगा बुरा सुनो मिया इमरान। तिरुपति मिश्र ने कहा कि तुम आजादी को डूढ रहे हो नारे बैगर झंडों में , आजादी है उनको मिलती है जिनके ताकत है भुडंडो में,उग्रवादियों के सीने पर अबकी सेना को चढ जाने दो कोयटा रावल पिन्डी में अब आजादी हमें मनाने दो,उक्त कार्यक्रम का संचालन देवेश तिवारी व संयोजन प्रमोद मिश्र पंचमेश ने किया.
इस अवसर पर स्वास्तिक एजुकेशन एण्ड वेलफेयर सोसाइटी के कार्यकर्ताओं सहित अवधेश मिश्रा राज किशोर मिश्र, सिद्धि नाथ मिश्र,आदित्य मिश्र, मोनू महेश्वरी,शिव कुमार सिंह,पवन विस्वकर्मा,शिवम मिश्र,अनिल गुप्ता सहित सैकडों की संख्या में श्रोताओं ने भारत माता की जय, वंदे मातरम के नारो से प्रागंण को गुजाय मान कर दिया।