
आइफोन की ऊंची कीमत रखकर एपल सिर्फ अमीरों के लिए स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी बनकर नहीं रहना चाहती है। कंपनी के सीओओ जेफ विलियम्स ने कहा कि एपल हर किसी के लिए सुलभ ब्रांड बनना चाहती है।
आइफोन की बिक्री में गिरावट आने के बाद भविष्य के लिए चिंतित धनाढ्य वर्ग की कंपनी का चोगा उतारने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने आइफोन की कीमत घटाना पहले ही शुरू कर दिया है। उसने चीन में विक्रेताओं के जरिये बिक्री के लिए आइफोन की कीमत में कटौती की है।
एपल भारत में भी यही रास्ता अपना सकती है। यहां आइफोन काफी महंगे माने जाते हैं। नॉर्थ कैरोलिना स्थित एलन यूनीवर्सिटी में एक भाषण में विलियम्स ने कहा कि वह आइफोन और मैक बुक (लैपटॉप) की ऊंची कीमत को लेकर चिंताएं समझते हैं। हम सिर्फ अमीरों की कंपनी बनकर नहीं रहना चाहते हैं। हम समान अधिकारवादी कंपनी बनना चाहते हैं। विकासशील बाजारों के लिए हम काफी काम कर रहे हैं।
विलियम्स के हवाले से बर्लिंगटन टाइम्स न्यूज ने रविवार को अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है। विलियम्स ने अपने भाषण में एपल उत्पादों की बढ़ती कीमत और एनालिस्ट के लागत संबंधी अनुमानों में त्रुटियों समेत कई मामलों पर विचार व्यक्त किए। हमारे उत्पादों की कीमत को लेकर आने वाली टिप्पणियों और विश्लेषणों से एपल को शुरुआती दिनों से ही दिक्कत रही है।
उन्होंने छात्रों से कहा कि विश्लेषक यह नहीं समझते हैं कि हम अपने उत्पाद बनाने में कितनी सतर्कता बरतते हैं। मसलन, एपल वाच बनाते समय हमने 40 लाइसेंसधारी नर्सों की पूरी फिजियोलॉजी लैब स्थापित की और विभिन्न फिटनेस अभ्यासों में जलने वाली कैलोरी के बारे में अध्ययन के लिए दस हजार भागीदारों के आंकड़ों का सहारा लिया।
एपल के सीईओ टिम कुक ने आइफोन की बिक्री न बढ़ने के बारे में कहा था कि उभरते बाजारों ग्राहक पहले के मुकाबले ज्यादा लंबे समय तक अपने पुराने आइफोन का इस्तेमाल करते हैं। पिछले साल कंपनी की उभरते बाजारों में बिक्री 15 फीसद घट गई।