चुनाव लड़ने के सवाल पर बोले वाड्रा, पहले निराधार आरोपों से निपट लूं फिर सोचूंगा

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति राबर्ट वाड्रा ने सोमवार को लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर चुप्पी तोड़ी है। जब उनसे चुनाव लड़ने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, “पहले अपने खिलाफ लगे निराधार आरोपों से निपट लूं। लेकिन हां, मैं इसपर काम करना शुरू करुंगा। इसमें कोई जल्दबाजी नहीं है। लोगों को ये महसूस करने की जरूरत है कि मैं बदलाव ला सकता हूं।”

बता दें वाड्रा के पोस्टर मुरादाबाद में चर्चा का विषय बने हुए हैं। जिसमें उन्हें मुरादाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की अपील की गई है। पोस्टर में लिखा हुआ है कि ‘राबर्ट वाड्रा जी, मुरादाबाद लोकसभा से चुनाव लड़ने के लिए आपका स्वागत है।’ इस पोस्टर के निवेदक में मुरादाबाद युवक कांग्रेस का नाम लिखा हुआ है। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि पोस्टर युवक कांग्रेस ने लगाए हैं या नहीं।

लेकिन इससे ये कयास जरूर लगाए जा रहे थे कि वाड्रा राजनीति में आ सकते हैं।
वाड्रा ने राजनीति में आने के दिए संकेत
पत्नी प्रियंका गांधी वाड्रा के सक्रिय राजनीति में उतरने के बाद राबर्ट वाड्रा ने अब राजनीति में आने के संकेत दिए हैं। उन्होंने रविवार को फेसबुक पोस्ट पर लिखा कि एक बार जैसे ही उन पर लगे सभी आरोप गलत साबित हो जाएंगे, उसके बाद वह बड़े स्तर पर लोगों के लिए काम करना चाहेंगे।

उत्तर प्रदेश से अपने खास लगाव का जिक्र करते हुए वाड्रा ने लिखा कि देश के विभिन्न हिस्सों में महीनों और सालों तक लोगों के बीच काम करने के बाद ऐसा लगता है कि आम जनता के लिए बड़े स्तर पर कुछ करने की जरूरत है।

खासतौर पर यूपी में काम करने के बाद ऐसा लगा कि यहां काफी कुछ करना बाकी है। यहां उनकी छोटी सी कोशिश से बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने लिखा कि बीते कुछ सालों में सीखे गए अनुभव को यूं ही बेकार होने देना सही नहीं है।

इस मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा का कहना है कि रॉबर्ट वाड्रा लंबे समय से एनजीओ से जुड़े रहे हैं और समाज के लिए काम करते रहे हैं। यह सभी लोगों को कर्तव्य है कि वे अपनी योग्यता के अनुसार लोगों की सेवा करें। ऐसे में क्या वाड्रा को लोगों से जुड़े काम करने के लिए मोदी की अनुमति की जरूरत पड़ेगी?