
12 फरवरी को चित्रकूट जिले के सीमावर्ती क्षेत्र से अपहृत तेल उद्यमी के जुड़वा पुत्रों के शव आज बरामद हुए हैं। दोनों बच्चों के शव बांदा की यमुना नदी से बरामद किए गए हैं। हत्या करने के बाद अपराधियों ने शव को अवगासी घाट पर फेंक दिए थे।
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में तनाव फैल गया। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद है। बांदा जिले में दोनों बच्चों के शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। पुलिस ने माइक से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
ज्ञात हो कि 12 फरवरी को कट्टे को नोक पर दिन दहाड़े शिवांग और देवांग नाम के जुड़वा भाइयों का अपहरण हुआ था।
इस घटना से पूरे जिले में तनाव का माहौल है। लोगों ने जगह-जगह तोड़फोड़ शुरू कर दी जिससे पुलिस ने लाठी चार्ज किया। यहां तक की आक्रोशित लोगों पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले तक छोड़ने पड़े।
आक्रोशित लोगों ने जिले में तोड़फोड़ शुरू कर दी। जिससे पुलिस लाठी चार्ज करने पर मजबूर हो गयी। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। जिले में जगह-जगह पुतले फूंके जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार इस घटना का मास्टरमाइंड ट्रस्ट के पुरोहित का बेटा पदम कांत शुक्ला निकला। पुलिस ने पदम कांत शुक्ला व उनके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।
चित्रकूट जिले में घारा 144 लागू कर दी गयी है।
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एमपी के चित्रकूट से अपहृत जुड़वा बच्चों को यूपी में मृत पाए जानें पर ट्वीट कर कहा कि मैं दोनों बच्चों को श्रद्धांजलि देता हूं। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। हमें उम्मीद थी कि सरकार और प्रशासन इसे गंभीरता से लेगी और बच्चों को बचाएगी। इस घटना ने मुझे अंदर तक हिला कर रख दिया है।
इस मामले में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनमें राजू द्विवेदी, पदम शुक्ला, लकी सिंह, रोहित द्विवेदी, रामकेश यादव, पिंटू उर्फ पिंटा को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों में सभी की उम्र 22 से 25 वर्ष के करीब है। शुरुआती जांच-पड़ताल में पुलिस ने बताया कि घटना को अंजाम फिरौती के उद्देश्य से दिया गया था। आखिर में पहचान उजागर न हो जाए इस डर से आरोपियों ने अपहरण किए गए बच्चों की हत्या कर दी।