
हेल्दी रहने के लिए अच्छा और पोषक तत्वों से भरपूर खाना बेहद जरूरी हैं। लेकिन क्या आप जानती हैं कि जितना जरूरी खान-पान की अच्छी आदतों को अपनाना है, उतना ही इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि हम अपना खाना किस तरह बना रहे हैं और खाना बनाने के लिए किन चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं। जी हां बदलती और भागती लाइफस्टाइल के चलते फास्ट कुकिंग टेक्नीक ज्यादातर किचन का हिस्सा बन चुकी है। माइक्रोवेव ओवन, ग्रिलर, कुकर, प्लास्टि के बर्तन, और सैंडविच मेकर जैसी तमाम चीजें हमारी घर की किचन का अहम हिस्सा हैं। इस बात से हम इंकार नहीं कर रहे हैं कि इनकी बदौलत न सिर्फ खाना बनाना आसान हो गया है बल्कि समय की भी बचत होती है और साथ ही खाने का स्वाद भी अच्छा होता है। लेकिन क्या इन चीजों के इस्तेमाल से आपके खाने में मौजूद पोषक तत्व मौजूद रहते हैं, शायद नहीं।
कहते हैं कि दिखने वाली हर अच्छी चीजें जरूरी नहीं है, आपकी हेल्थ के लिए भी अच्छी ही हो। ठीक उसी तरह इन किचन में इस्तेमाल होने वाले लेटेस्ट टेक्नीक के अपने फायदे हैं तो नुकसान भी हैं। जी हां, हमारी किचन की शान बढ़ा रही ये चीजें न सिर्फ हमारे खाने से जरूरी पोषक तत्व खींच रहे हैं बल्कि उन्हें जहरीला भी बना रहे हैं। जिसके चलते हम कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स का शिकार हो रहे हैं। आज इस आर्टिकल के माध्यम से आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉक्टर अबरार मुल्तानी हमें किचन में हुए ऐसे 9 घातक जानलेवा बदलावों के बारे में बता रहे हैं जो हमारी हेल्थ को खराब कर रहे हैं। आइए जानें कौन से हैं ये बदलाव।
किचन में हुए घातक बदलाव
1. कुकर का इस्तेमाल करना घातक है क्योंकि इससे हाई प्रेशर पर खाना उबालकर पकाया जाता है जिससे कि लगभग 90 प्रतिशत पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। आप सोच ही सकती हैं, जब उसमें पोषक तत्व रहे हीं नहीं तो इसे खाकर आपका क्या फायदा हो सकता हैं।
2. एल्युमीनियम के बर्तनों में खाना पकाने से एल्युमीनियम धातु भोजन में मिल जाती है और यह घातक धातु हमारे शरीर में कई रोग उत्पन्न करती है जैसे लिवर की समस्या, किडनी की समस्या और कैंसर आदि।
3. जी हां आजकल हर घर में खाने को लंबे समय तक ताजा रखने के लिए फ्रिज का इस्तेमाल होता है। लेकिन क्या आप जानती हैं कि फ्रिज का इस्तेमाल करने से उसमें मौजूद क्लोरो फ्लोरो कार्बन गैस भोजन को दूषित करती है जो हमारे शरीर के लिए अत्यंत घातक है।
4. प्लास्टिक के बर्तनों में खाना और पीने की चीज़ें रखना घातक है, क्योंकि इसमें कार्सिनोजेनिक (कैंसर कारक) तत्व होते हैं।
5. माइक्रोवेव ओवन से निकलने वाली रेडिएशन भी बहुत घातक साबित हो रही है। साथ ही माइक्रोवेव में पकाए या गर्म किए गए भोजन पदार्थ के स्वास्थ्यवर्द्धक गुण अत्यधिक कम हो जाते हैं। माइक्रोवेव ओवन में फूड्स की पौष्टिकता 60 से 90 प्रतिशत तक कम हो जाती है।
6. स्वादवर्धकों का प्रयोग अब खाने को स्वादिष्ट बनाने में हो रहा है जैसे MSG जो कि कई खतरे पैदा करते हैं जैसे मोटापा, लिवर डैमेज, कैंसर आदि। एमएसजी यानी मोनोसोडियम ग्लूटामेट अमीनो एसिड से निकलने वाला तत्व है जिसका इस्तेमाल खाने को टेस्टी बनाने के लिए किया जाता है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) के अनुसार, भोजन में अगर 3 ग्राम से अधिक मात्रा में एमएसजी का प्रयोग हो तो ही वह हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है। लेकिन अगर आप फास्ट फूड या एमएसजी युक्त डाइट का सेवन अधिक करते हैं तो इसके कई गंभीर परिणाम आपको झेलने पड़ सकते हैं।
7. चीनी का अत्यधिक प्रयोग जोकि जल्दी बुढ़ापा लाती है, हड्डियों और दांतों को ख़राब करती है, हार्ट रोग और मोटापे को उत्पन्न करती है।
8. सामान्य की जगह रिफाइंड आटे का प्रयोग होने से उसमे मौजूद 9 प्रतिशत न्युट्रिशन नष्ट हो जाते हैं और यह कब्ज़ तथा मोटापे को बढ़ाता है।
9. सोडियम बेंजोएट जैसे प्रिज़र्वेटिव का प्रयोग बढ़ने से किडनी और हाई बीपी की समस्या बढ़ती है। जी हां इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी) द्वारा एसीजीआईएच और ग्रुप 1 कार्सिनोजेन के अमेरिकन सम्मेलन द्वारा बेंजीन को ए 1 कैसिनोजेन के रूप में वर्गीकृत किया गया है। बेंजीन भी एक संभावित उत्परिवर्तजन और विकासशील जहर है जो ब्लड, बोन मैरो और नर्वस सिस्टम के लिए विशेष रूप से विषाक्त है, और ये लिवर और यूरिन प्रणाली को लक्षित कर सकते हैं।
अगर आपकी किचन में भी ये 9 बदलाव हुए हैं तो आज से ही सावधान हो जाएं।