एएमयू में एक बार फिर से हुआ बवाल।

असउदद्दीन के आगमन को लेकर हिंदूवादी छात्र और मुस्लिम छात्र हुए आमने-सामने जमकर हुई मारपीट पथराव और आगजनी ,नफरत में सुलग उठा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अब तक बवालियों पर दो मुकदमे हुए दर्ज, थाना सिविल लाइन इलाके के एएमयू सर्किल का पूरा मामला।एएमयू में एक बार फिर से हुआ बवाल।

सुबह एएमयू छात्र नेता अजय सिंह के नेतृत्व में हिंदूवादी छात्रों ने असउदद्दीन ओवैसी छात्रसंघ के नेतृत्व में सपा-बसपा गठबंधन के विरोध में मुस्लिम सम्मेलन में आने का पुरजोर विरोध किया और यूनिवर्सिटी प्रशासन में ज्ञापन दिया गया विरोध के चलते ओवैसी का अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में आना कैंसिल हो गया, मामला आपको बताते चलें कुछ हिंदूवादी छात्र अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हॉस्टल में रहते हैं, यह वही छात्र है जो ओवैसी के आने के विरोध में धरने में शामिल थे, हॉस्टल पहुंचने पर इन छात्रों के 7 मारपीट हुई, जिसकी शिकायत लेकर यह छात्र एएमयू प्रशासन के पास गए जहां पर मुस्लिम छात्रों के साथ फिर से इनकी झड़प हो गई, उसके बाद शहर के तमाम हिंदूवादी संगठन और राजनैतिक लोग इन हिंदूवादी संगठन के छात्रों के साथ हो गए, उसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में दो गुट हिंदूवादी और मुस्लिम वादी आमने-सामने हो गए, कई बार पथराव हुआ, झड़प हुई, जमकर मारपीट हुई, यहां तक की एक हिंदूवादी नेता के ऊपर फायरिंग तक हो गई, इसके बाद मामला और गरमा गया, शहर के सभी थानों की फोर्स अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पहुंच गई है, और पीएससी और रैपिड एक्शन फोर्स बवाल को शांत कराने के लिए और मामला सुलझाने के लिए बुलाई गई है, ताजा स्थिति तक हिंदूवादी छात्र और उससे संबंधित संगठन सिविल लाइन थाने में पुलिस को आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ तहरीर देने के लिए इकट्ठे हो गए और पुलिस प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं, हिंदूवादी छात्रों के द्वारा दी गई लिखित शिकायत सिविल लाइन पुलिस थाने में नहीं ली गई थी, जिसके कारण पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे हिंदूवादी छात्रों द्वारा लगाए जा रहे हैं धीरे-धीरे थाने पर भीड़ बढ़ती जा रही है।

वहीं संबंध में जब एसपी सिटी आशुतोष द्वेदी से जानकारी ली गई तो उनका कहना है कि उपद्रवियों के खिलाफ थाना सिविल लाइन में संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किए गए हैं, जिसमें एक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर्मी और बीजेपी युवा मोर्चा की ओर से दिखाया गया है।

एसपी सिटी –अलीगढ़ एसपी सिटी आशुतोष द्विवेदी से मीडिया द्वारा जब यह सवाल पूछा गया, क्या यह बवाल टल सकता था, तो उस पर उन्होंने जवाब दिया के पांच थानों की फोर्स मौके पर मौजूद थी और स्वयं वह भी मौके पर मौजूद थे, उसके बाद भी बवाल हो जाता है इसमें वह अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते हुए नजर आए, इतनी फोर्स मौके पर मौजूद होने के बाद भी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी नफरत में सुलग उठा,,, कहीं न कहीं इसके पीछे पुलिस प्रशासन की नाकामी है और इस तरीके के पुलिस अधिकारियों से उम्मीद क्या की जा सकती है।