…जिसने गांधी को गोली मारी, उसे वेलेंटाइन डे के लिए अग्रिम प्रेम-पत्र

हे गोडसे ! कह कर मैं नहीं मरा और तुम भी मरते वक्त हे गोडसे नहीं कहना। हम राम भक्त हैं। मौत से लेकर जिन्दगी के हर सख्त और खास वक्त पर हम राम का नाम लेते हैं। हमारे राष्ट्रपिता ने भी हमें यही सिखाया था।

जब आपने गांधी जी को गोली मारी तो मैं आपको देखकर ही मर गया। आपमें कुछ तो है। प्रिया प्रकाश ने अंखियों से गोली चलायी और वो मशहूर हो गयीं। आपने गांधी जी की तस्वीर पर गोली चलायी और आपकी ये तस्वीर वायरल हो गई।
तस्वीर देखकर मैं आप पर फिदा हो गया।

” उनको आता है प्यार पर ग़ुस्सा,
हमको ग़ुस्से पे प्यार आता है। “

आकर्षित सौंदर्य के भारी-भरकम वजन वाली आपकी अंदाज-ओ-अदा देखकर ही मैं मर गया। आप पर मरते वक्त मैंने हे गोडसे नहीं कहा। मैं जिन्दगी मे भी और मौत के बाद भी गांधी के प्रेम के स्वर्ग में रहना चाहता हूं, गोडसे की नफरत के नर्क मे नहीं।
आपकी हरकत को मैं सकारात्मक भी मानता हूं और नकारात्मक भी।

शायद आपने गांधी जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए ये ज़ाहिर करना चाहा है कि गांधी को गोली मारकर देश को यतीम करने वाला ये मंज़र कितना बदशक्ल और मनहूस था।

आपके इस प्रतीकात्मक भाव को देखकर में आप पर फिदा हो गया। आपका आशिक़ हो गया।
पर क्या करूं मजबूरी है। केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े के बयान से डर लगता है। लेकिन डर के आगे जीत है।
आने वाले बसंत के रूमानी मौसम (वेलेंटाइन डे आने तक) में भी आप बसंती लिबास पहने रहियेगा। इस रंग में आपके सौंदर्य का वजन और भी बढ़ जाता है।

जब से आपने बापू के प्रति नफरत का इजहार किया है तब से आपसे तमाम लोग प्यार करने लगे हैं।

क्योंकि महात्मा गांधी ने हिदायत दी है कि नफरत का जवाब प्रेम करके दो। गांधी कोई मामूली इंसान नहीं जो किसी मामूली गोडसे की गोली से मर जायें। गांधी अनंतकाल तक क़ायम रहने वाली विचारधारा है। प्रेम की विचारधारा। नफरत का जवाब मोहब्बत से देने की विचारधारा । हिंसा का जवाब अहिंसा से देने की विचारधारा । हम गांधीवादी मौत से नहीं मरते किसी के प्यार में मरते हैं। देशप्रेम में अपने जीवन की कुर्बानी देते हैं। देश के संविधान और अखंडता के लिए मरने को तैयार रहते हैं।

एक झूठ फैलाया जाया रहा है। कल और आज गांधी को गोली मारने वाले महासभा के हैं। सच कुछ और है। ये राष्ट्रविरोधी महासभा के होंगे। हिन्दू विरोधी महासभा के होंगे। श्रीराम विरोधी महासभा के होंगे। श्री राम हिन्दुओं के भगवान है। महासभा गांधी विरोधी कैसे हो सकती है, गांधी जी तो सबसे बड़े हिन्दूवादी और सबसे बड़े रामभक्त थे.. सबसे बड़े राष्ट्रवादी थे। क्योंकि सनातन धर्म ने दूसरे धर्म के लोगों से मिलजुलकर रहने की शिक्षा दी है। एक पक्के हिन्दु और राम भक्त होने के नाते गांधी धर्मनिरपेक्षता पर विश्वास रखते थे। इसीलिए वो धर्मनिरपेक्ष भारत के राष्ट्रनायक थे।

महासभा राष्ट्रवादी संस्था है, जिसका कोई प्रतिनिधि राष्ट्रपिता का अनादर कैसे कर सकता है! हम भारतवासियों का जीवन यापन जिस भारतीय मुद्रा पर आधारित है उस हर नोट पर गांधी जी बने हैं। गांधी जी का विरोध करके भारत में एक क्षण भी नहीं रहा जा सकता। क्या आप नोट फाड़ दोगे। ऐसा कीजियेगा तो भूखे मर जाइयेगा। गिरफ्तार हो जाइयेगा।

महात्मा गांधी जिस देश के पिता हैं उस देश से गांधी विरोधियों को पलायन करना पड़ेगा। देश के राष्ट्रपिता का अपमान करने वाले को भारत माता कैसे स्वीकार करेंगी।भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महात्मा गांधी के परम भक्त हैं। वो और उनकी सरकार भी गांधी विरोधियों को कैसे बर्दाश्त करेगी!

मुझे डर है, इस देश का कानून, संविधान और जनभावनायें कोई सख्त कदम ना उठा लें ! गांधी के सबसे बड़े मुख़ालिफ जिन्ना के देश पाकिस्तान में आपकी रुखसती (विदाई) कर दी गई तो मेरा क्या होगा !

मुझपर रहम करिये। मेरे प्यार की कद्र कीजिए। नफरत छोड़िये और प्यार को स्वीकार कीजिए।

आपका………
नवेद शिकोह
8090180256