
समुद्र शास्त्र, ज्योतिष शास्त्र का ही एक अंग है। जिसमें व्यक्ति के शारीरिक बनावट के आधार पर उसके गुण-दोषों और उसके भविष्य के बारे में बताया गया है। ठीक वैसे ही जैसे हाथ की रेखाओं को देखकर किसी भी इंसान के स्वभाव और भविष्य के बारे में बताया जाता है। समुद्रशास्त्र में स्त्री और पुरुषों दोनो के कई शुभ अंगों और उनके लक्षणों के विषय में बताए गया है। आज हम आपको महिलाओं क शरीर के कुछ अंगों के बारे में बताने जा रहे है ।
जी हां, लड़कियों के काले लम्बे बाल ना सिर्फ उनकी खूबसूरती के परिचायक होते हैं, बल्कि ये लंबे बाल उनके भाग्यशाली होने की भी निशानी होते है। यही कारण है कि सभी देवी की प्रतिमाओं में उनके काले-लम्बे होते हैं।
लंबी गर्दन भी सौंदर्य के साथ ही सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, ऐसी गर्दन वाली स्त्री शुभ लक्षणों वाली मानी गई हैं ।
वहीं स्त्री के वक्षों का बड़ा होना भी शुभ लक्षण माना जाता है, मान्यता है कि जहां छोटे वक्ष दुख और परेशानियों का सबब बनते हैं वहीं बड़े वक्ष सुख, सौभाग्य और धन संपदा की प्राप्ति का सूचक होते हैं।
स्त्री के नाभि का बड़ी और गहरी होना भी शुभ लक्षण माना गया है। समुद्रशास्त्र के अनुसार जिस स्त्री की नाभि बड़ी, गहरी और दाएं ओर मुड़ी होती है तो ऐसी स्त्री धन, सुख और संतान से संपन्न होती है।
समुद्रशास्त्र में लंबे और चिकने पैर देवी लक्ष्मी के समान शुभ माने गये हैं। ऐसी लंबी टांगों वाली महिलाएं को विरासत से ही काफी कुछ मिलाता है इस प्रकार की महिलाओं के शादी के बाद भी पैसों की कमी नहीं आती है।