
जींस या ट्राउजर्स के साथ ज्यादातर पुरुष बेल्ट का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा जरूरी नहीं है कि इसका इस्तेमाल सिर्फ जींस के लूज होने पर किया जाता है, बल्कि फैशन के दौर में लोग इसे स्टाइल के लिए भी कैरी करते हैं। कई लोगों को इसे टाइट बांधने की आदत होती है, लेकिन शायद वह यह नहीं जानते कि इससे उनके शरीर को काफी नुकसान पहुंचता है।

हमारे शरीर पर टाइट बेल्ट बांधने का बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है और यह आदत पुरुषों के लिए एक बड़ी मुसीबत की वजह भी बन सकती है। अगर आप भी हर दिन टाइट बेल्ट बांधते हैं तो आज से अपनी इस आदत को सुधार लें, क्योंकि इससे सिर्फ पेट संबंधित परेशानियां ही नहीं बल्कि गले का कैंसर होने तक के चांसेज होते हैं। आइए जानते हैं बेल्ट बांधने से पुरुषों को होने वाले नुकसानों के बारे में।
कम होता है स्पर्म काउंट
रोजाना सुबह से लेकर शाम तक टाइट बेल्ट बांधे रहने से पेट की नर्व्स लंबे समय तक के लिए दबी रहती हैं। इस वजह से पेल्विक रीजन से निकलने वाली आर्टरी, आंतों, वेन्स और मसल्स पर काफी दबाव पड़ता है। इन सब जगहों पर दबाव पड़ने का सीधा असर पुरुषों के स्पर्म काउंट पर पड़ता है। यहां तक कि टाइट बेल्ट लगाने से पुरुषों की फर्टीलिटी घटने की आशंका बढ़ जाती है।
रोजाना सुबह से लेकर शाम तक टाइट बेल्ट बांधे रहने से पेट की नर्व्स लंबे समय तक के लिए दबी रहती हैं। इस वजह से पेल्विक रीजन से निकलने वाली आर्टरी, आंतों, वेन्स और मसल्स पर काफी दबाव पड़ता है। इन सब जगहों पर दबाव पड़ने का सीधा असर पुरुषों के स्पर्म काउंट पर पड़ता है। यहां तक कि टाइट बेल्ट लगाने से पुरुषों की फर्टीलिटी घटने की आशंका बढ़ जाती है।
रीढ़ की हड्डी में बढ़ जाती है अकड़न
बेल्ट को लंबे समय तक टाइट बांधेने से इसका असर रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है। इस वजह से रीढ़ की हड्डी में अकड़न काफी बढ़ जाती है। सेंटर ऑफ ग्रैविटी में बदलाव आने की वजह से घुटनों के जोड़ों पर भी काफी दबाव पड़ने लगता है, जिससे जोड़ों में दर्द की परेशानी शुरू हो जाती है।
बेल्ट को लंबे समय तक टाइट बांधेने से इसका असर रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है। इस वजह से रीढ़ की हड्डी में अकड़न काफी बढ़ जाती है। सेंटर ऑफ ग्रैविटी में बदलाव आने की वजह से घुटनों के जोड़ों पर भी काफी दबाव पड़ने लगता है, जिससे जोड़ों में दर्द की परेशानी शुरू हो जाती है।
गले में हो सकता है कैंसर
एक स्कॉटिश शोध के मुताबिक, कुछ लोग बहुत मोटे होते हैं, जिस वजह से वे बेल्ट को बहुत टाइट बांधते हैं। इसका सीधा असर उनके भोजन की नली पर पड़ता है। इन लोगों को एसिड रिफ्लक्स की परेशानी रहने लगती है, जिसके चलते एसिड ऊपर की तरफ जाता है जो सीधा गले की कोशिकाओं को नष्ट करने का काम करता है। ये कोशिकाएं नष्ट होकर कैंसर का रूप ले सकती हैं।
एक स्कॉटिश शोध के मुताबिक, कुछ लोग बहुत मोटे होते हैं, जिस वजह से वे बेल्ट को बहुत टाइट बांधते हैं। इसका सीधा असर उनके भोजन की नली पर पड़ता है। इन लोगों को एसिड रिफ्लक्स की परेशानी रहने लगती है, जिसके चलते एसिड ऊपर की तरफ जाता है जो सीधा गले की कोशिकाओं को नष्ट करने का काम करता है। ये कोशिकाएं नष्ट होकर कैंसर का रूप ले सकती हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञों के अनुसार अगर जरूरी नहीं है तो बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और अगर पहनना भी है तो इसे टाइट करके न पहनें। इसे लेकर रिसर्च भी की गई है, जिसमें यह बात सामने आई है कि टाइट बेल्ट बांधने से ओर भी कई शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इंजे यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि टाइट बेल्ट बांधने से पेट की मांसपेशियों पर तनाव बढ़ता है, जिससे कि पेल्विक भाग, घुटनों और कमर की मांसपेशियां प्रभावित होती हैं और इनमें दर्द होने का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार अगर जरूरी नहीं है तो बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और अगर पहनना भी है तो इसे टाइट करके न पहनें। इसे लेकर रिसर्च भी की गई है, जिसमें यह बात सामने आई है कि टाइट बेल्ट बांधने से ओर भी कई शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इंजे यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि टाइट बेल्ट बांधने से पेट की मांसपेशियों पर तनाव बढ़ता है, जिससे कि पेल्विक भाग, घुटनों और कमर की मांसपेशियां प्रभावित होती हैं और इनमें दर्द होने का खतरा बढ़ जाता है।