
महाभारत से जुड़ी ऐसी कई कहानी है जिसको जानकर हर कोई हैरान हो जाता है। महाभारत ईर्ष्या, धन-संपत्ति, लालच, मानसिक भटकाव, प्रतिशोध की भावना, घमंड और मानसिक द्वन्द्व इन सभी से जुड़ा व इन भावना के कारण निकले भाव की कहानी है। आज हम भी इस लेख में महाभारत काल से संबंधित द्रौपदी से जुडे राज के बारे में बता रहें हैं।
द्रौपदी पांच पांडवों की पत्नी थीं लेकिन द्रौपदी अपने पांचों पतियों को एक समान प्यार नहीं करती थीं। द्रौपदी अपने पतियों में सबसे ज्यादा अर्जुन से प्रेम करती थीं इसके साथ ही द्रौपदी पांच पांडवो के अलावा किसी ओर को भी प्रेम करती थी।
द्रौपदी अपने पतियों के अलावा किसी ओर पुरुष से भी प्यार करती थीI वह कर्ण से प्यार करती थी, द्रौपदी के स्वंबर में अंगराज कर्क को देखा था उस समय द्रौपदी कर्क पर मोहित हो गई थी लेकिन जाति की वजह से कर्ण से विवाह नहीं कर सकी इस बात का पछतावा द्रौपदी को थाI द्रौपदी ने वनवास के समय में यह बात अपने पति से कही थी उसने कहा था की अगर मैंने कर्ण से विवाह किया होता तो शायद मुझे इतने दुख नहीं झेलने पड़तेI इसके साथ ही मुझे इस तरह के कड़वे अनुभव से नहीं गुजरना पड़ताI
द्रौपदी की यह बात सुनकर पांचों पांडव हैरान रह गए किन किसी ने कुछ कहा नहींI इसके बाद से ही पांडवों को यह एहसास हुआ कि पांच बहादुर पतियों के होने के बावजूद वह अपनी पत्नी की जरूरत के समय रक्षा करने नहीं पहुंचेI द्रौपदी की जरुरत के समय वह कभी उसके साथ खड़े नहीं हुएI