
सिधौली-सीतापुर/ht: स्थानीय शारदा नहर से सम्बद्ध अलादाद पुर, बहादुर पुर व गाजीपुर माइनर पे जहां तालाबों में पानी भरने के लिए मछली माफियाओं ने नहर विभाग के स्थानीय अधिकारियों से सांफ गांठ कर अपना कब्जा जमाए नहर विभाग को वर्षों से लाखो का चूना लगा रहे हैं वहीं किसान अपनी गेंहू,आलु आदि फसल की सिंचाई के लिए बूंद बूंद पानी तरस रहा है मछली माफिया लगे हैं नहर व रजबहों को बांधे तालाबों को भरने में/
अलादाद पुर रजबहा से निरन्तर कई वर्षों से बाड़ी गांव का अढ़य्या तालाब व बड़ा तालाब नहर के पानी से नहर विभाग के अधिकारियों की शह पर जिला परिषद के डामर रोड को काट कर भरा जाता रहा है जो आज भी भरा जा रहा है जिसके चलते अकोहरा,रांवा गढ़ी,सरसौली, मनिका पुर के किसानो को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है इसी तरह बहादुर पुर रजसहा से गड़िया हसन पुर के भारी भरकम तालाबों को नहर के पानी से मछली माफिया लबरेज करने में लगे हैं रही बात गाजीपुर माइनर की तो यहां टड़ाई कला व खरवलिया के तालाबों के मछली पालने वाले तालाब में पानी भरने के आगे किसनों के खेतों तक पानी नहीं पहुंचने देते बताते हैं कि
दो वर्षों से टेल तक पानी न पहुंच पाने के चलते किसानों की फसल को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है जिससे क्षेत्र के अनेकों किसानों में आक्रोश व्याप्त है/
अपनी फसलों की सिंचाई के लिए बूंद बूंद पानी को तरस रहे पीड़ित किसानों ने एक मांग पत्र सिंचाई विभाग के स्थानीय अभियंता को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर अबिलंब सुधार किए जाने की मांग की है गनेरा गांव निवासी राजेश कुमार यादव का कहना है कि गाजीपुर माइनर में पानी तो छोड़ा जा रहा है लेकिन गनेरा, गनेरा के पुरवा , छावनि आदि गांवों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। माइनर सफााई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे है लेकिन हकीकत कुछ और ही है। क्षेत्र के नौमीलाल रावत, साहेब लाल, हरिश्ंाकर तिवारी प्रेम मौर्या, चंद्रभाल मौर्या, कमलेश, वेदप्रकाश, अनुराग, राजकिशोर , लालजी मौर्या आदि ने माइनर में पानी टेल तक भेजे जाने का अनुरोध किया है/