तेंदुलकर और धोनी को ऑस्ट्रेलिया में लगा करोड़ों का चूना, कंपनी बन गई डिफॉल्टर

खेल का सामान बनाने वाली एक ऑस्ट्रेलियाई कपंनी ने मौजूदा और पूर्व क्रिकेटरों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। दरअसल ऑस्ट्रेलिया की एक अदालत ने सिडनी स्थित स्पार्टन कंपनी पर रोक लगा दी है, जिसके कारण खिलाड़ियों की भुगतान अटका हुआ है।तेंदुलकर और धोनी को ऑस्ट्रेलिया में लगा करोड़ों का चूना, कंपनी बन गई डिफॉल्टर

अदालत के इस फैसले से कई खिलाड़ियों को झटका लगा है, जिनमें पूर्व भारतीय खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर और विश्व कप के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नाम भी शामिल है। इसके अलावा स्पोर्ट्स कंपनी के साथ क्रिस गेल और इयोन मोर्गन समेत करीब 30 क्रिकेटरों ने करार किया हुआ है।

बता दें कि अदालत के फैसले के तहत स्पार्टन कंपनी से जुड़ी एक कंपनी को लिक्विडेटिड कर दिया जाता है तो इन सभी क्रिकेटर्स की बकाया राशि जब्त हो सकती है। बता दें कि भारतीय टायकून कुणाल शर्मा सिडनी स्थित स्पार्टन कंपनी के साझेदार हैं।

कैसे हुआ खुलासा
खिलाड़ियों के पैसे का भुगतान न होने का खुलासा उस वक्त हुआ, जब पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने कंपनी के साथ बैट स्पॉन्सरशिप का समझौता होने के बावजूद बल्ले से उसका लोगो हटा दिया था। इसकी वजह थी कि कंपनी ने क्लार्क की पेमेंट बंद कर दी थी। इस तरह महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भी कंपनी के कुछ सामान लॉन्च किए थे।

बता दें कि इस कंपनी ने धोनी को 2013 से लेकर 2016 के बीच चार किश्तों में करीब 20 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। लेकिन कुछ समय बाद धोनी की पेमेंट को भी कंपनी ने रोक दिया।