
लड़कियों की वर्जिनिटी टेस्ट करने का यह एक पुराना तरीका है। लड़की के साथ सेक्स करते समय यदि उसकी योनि से खून निकलता है तो यह माना जाता है कि लड़की वर्जिन है लेकिन यदि खून नहीं निकलता है तो इसका अर्थ यह है कि लड़की अपनी वर्जिनिटी खो चुकी है। पहली बार सेक्स करने पर योनि की अंदर मौजूद एक पतली थैली या सील टूट जाती है जिसके कारण खून निकलता है और लड़की का कौमार्य भंग होता है। हालांकि जरूरी नहीं है कि हर बार और हर लड़की के साथ ऐसा हो ही।

माना जाता है कि अनुभवी लोग लड़कियों के चेहरे का रंग देखकर पहचान लेते हैं कि लड़की वर्जिन है या नहीं। वास्तव में सेक्स करने के बाद लड़कियों का चेहरा अधिक साफ, चिकना और मखमली दिखायी देता है जो वर्जिन लड़कियों से काफी अलग दिखायी देता है। वर्जिन लड़कियों के चेहरे खुरदुरे होते हैं और चेहरे पर हल्के मुंहासे भी आते जाते रहते हैं जबकि वर्जिनिटी खो चुकी लड़कियों का चेहरा अधिक साफ दिखायी देता है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि लड़की वर्जिन है या नहीं।
अगर आप किसी लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बारे में सोच रहे हैं लेकिन वह पहले आपको एसटीआई यानि यौन संचारित संक्रमण टेस्ट कराने के लिए कह रही हो तो इसका अर्थ यह है कि वह पहले भी सेक्स कर चुकी है। वास्तव में सेक्स पार्टनर को यौन संक्रमण होने से लड़कियों को यौन समस्याएं हो जाती है। यदि कोई लड़की सेक्स के दौरान यौन समस्याओं से पीड़ित हो चुकी है तभी वह अपने अनुभव के आधार पर अगले पार्टनर के साथ सावधानी बरतेगी और टेस्ट कराने के लिए कहेगी। इससे आप पता कर सकते हैं कि लड़की वर्जिन है या नहीं।
किसी भी लड़की की वर्जिनिटी पता करने के लिए मेडिकल परीक्षण भी कराया जा सकता है। लड़की की योनि में हाइमेन (Hymen) होता है जो कि इंटरकोर्स के बाद ही क्षतिग्रस्त होता है। यदि मेडिकल परीक्षण में यह पता चलता है कि हाइमेन जस का तस है तो इसका अर्थ यह है कि लड़की वर्जिन है लेकिन यदि हाइमेन क्षतिग्रस्त हो चुका है तो लड़की वर्जिन नहीं है। हालांकि कई बार सेक्स टॉय और स्पोर्ट्स खेलने के कारण भी हाइमेन अपने आप टूट जाता है लेकिन आपको यह देखना चाहिए कि लड़की किस तरह की एक्टिविटी करती है और उसी आधार पर वर्जिनिटी की पुष्टि करनी चाहिए।
यदि कोई लड़की अपने पर्स में गर्भ निरोधक गोलियां रखती है या सेक्स करने के बाद गर्भ निरोधक गोलियां खाती है तो वह वर्जिन नहीं है। आमतौर पर पहली बार सेक्स करने वाली लड़कियों को प्रेगनेंसी से बचने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली गोलियों के बारे में अधिक जानकारी नहीं होती है। अगर लड़की कई बार सेक्स कर चुकी है तभी उसे पता है कि गोलियां खाने से वह प्रेगनेंट नहीं होएगी। इस आधार पर यह पहचाना जा सकता है कि लड़की वर्जिन नहीं है।
किसी मर्द के साथ शारीरिक संबंध बना चुकी लड़कियों के किस करने का तरीका बिल्कुल अलग होता है जबकि अगर लड़की वर्जिन है तो उसके किस करने का तरीका नया होगा जो शायद आपको पसंद नहीं आएगा। देखा गया है कि किसी पुरुष के साथ रिलेशनशिप में रहने वाली लड़कियों का प्यार जताने का तरीका अलग होता है और वह काफी अनुभवी भी हो जाती हैं। अगर आप अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पहली बार किस कर रहे हैं और वह आपको जकड़कर एकदम सलीके से किस कर रही है तो वह वर्जिन नहीं है।
वर्जिन लड़कियों का शरीर सामान्यतौर पर अधिक फैटी नहीं होता है। उनके शरीर पर अधिक चर्बी तभी जमती है जब वो मोटापे का शिकार होती हैं। लेकिन सेक्स करने के बाद लड़कियों के कूल्हे बाहर आ जाते हैं और कमर मोटी हो जाती है जो वजन बढ़ने और मोटापे से काफी अलग होती है। वर्जिनिटी खो चुकी लड़कियों के शरीर की महक भी अलग होती है और शरीर काफी चिकना दिखायी देता है। इन लक्षणों से पहचाना जा सकता है कि लड़की वर्जिन है या नहीं।
आमतौर पर पहली बार सेक्स करने पर किसी भी लड़की को मजा नहीं आता है और वह दर्द से कराहती है और सेक्स करने के लिए मना करती है। अगर ऐसा हो तो इसका अर्थ यह है कि लड़की वर्जिन है। लेकिन यदि कोई लड़की बहुत मजे लेकर सेक्स कर रही हो और लंबे समय तक बेड पर आपका साथ दे रही हो तो वास्तव में यह इस बात का संकेत है कि वह वर्जिन नहीं है। वर्जिन लड़कियां शुरूआत में सेक्स करने से डरती हैं और जल्दी तैयार नहीं होती हैं जबकि वर्जिनिटी खो चुकी लड़कियां सेक्स के लिए मना नहीं करती हैं और पार्टनर को खुश करने का प्रयत्न करती हैं।
जब कोई लड़की अपने पार्टनर से अपने पसंदीदा पोजीशन में सेक्स करने के लिए कहती है तो वह वर्जिन नहीं है। कई बार शारीरिक संबंध बना लेने के बाद लड़कियां चाहती हैं कि उनका पार्टनर उनके मनचाहे पोजीशन में सेक्स करे। जबकि कुछ लड़कियां पोर्न वीडियो देखकर अपने पार्टनर को उस तरह का सेक्स करने के लिए कहती हैं। वर्जिन लड़कियों को पोजीशन के बारे में ज्यादा आइडिया नहीं होता है जिसके कारण वो इस बारे में बात नहीं करती हैं।