
आपकी टीवी स्क्रीन पर दिखाई दे रही तस्वीरें कोई पेंठ की नही है बल्कि ये अलीगढ़ का सरकारी अस्पताल है जहां नाराज किसानों ने आवारा घूम रहे पशुओं को पकड़ कर बंद कर दिया, दरअसल पशु तस्करों के बाद अब आवारा पशुओं से किसान परेशान होता दिख रहा है, एक दिन पहले किसानों ने सेकड़ों की तादात में आवारा गौवंश को प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया था तो अब फसल बर्बाद त्रस्त किसानों ने इलाके के गोरई स्थित पीएचसी में करीब 900 आवारा गौवंश को बंद कर हंगामा खड़ा कर दिया है, पूरा मामला अलीगढ़ के थाना इगलास के गांव गोरई का है।
आवारा पशुओं से त्रस्त किसानों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा है, तहसील इगलास के कस्बा गोरई के किसानों ने खेतों से घेरकर करीब 900 आवारा पशुओं को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बंद कर दिया, इतनी बड़ी संख्या में पशुओं को लाए जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया, भय के चलते लोग घरों से नहीं निकल रहेे हैं, सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों तक की किसानों ने एक ना सुनी, गाँव से बाहर पशुओं को भेजने की जिद पर अड़े रहे, थाना इगलास के माठ रोड पर आबादी क्षेत्र में स्थित खाली स्थान देखते हुए किसानों ने आवारा पशुओं को पीएचसी के अंदर करना शुरू कर दिया करीब 900 आवारा पशुओं को अंदर बंद करके बाहर से गेट पर ताला डाल दिया और सभी किसान गेट बंद करके बाहर डेरा डाल कर बैठ गए,,,पर सबसे बड़ा सवाल ये है आखिर इन गांव वालों को कानून हाथ मे लेने का अधिकार किसने दिया, देखिए कैसे हाथ मे लाठी लेकर इन पशुओं को बेरहमी से पीट रहे है, क्या इन बेजुबानों पर अत्याचार करने को लेकर इन लोगों पर कार्यवाही नही होनी चाहिये, किसानों का आवारा पशुओं के विरुद्ध किया जा रहा प्रदर्शन कहीं न कहीं प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के उस फैसले के बाद दिख रहा है जो उन्होंने गोवंश को पालने वाले किसान और उस गोवंश के दर्द को देखते हुए लिया था।
वहीं इस मामले पर जिलाधिकारी ने शासन के आदेशानुसार ब्लॉक स्तर पर हर गाँव में गौशाला बनाने की बात कहते हुए पूरे मामले को गंभीरता से लेकर जल्द ही शासन स्तर से उचित कार्रवाई करने को कहा।