
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नौ विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई. राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में विधायक रविन्द्र चौबे, मोहम्मद अकबर, कवासी लखमा, जय सिंह अग्रवाल, शिव डहरिया, महिला विधायक अनिला भेड़िया, रुद्र गुरु, प्रेमसाय सिंह टेकाम और उमेश पटेल ने मंत्री पद की शपथ ली. सभी ने हिंदी में पद और गोपनीयता की शपथ ली. मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर कांग्रेस विधायक अमितेश शुक्ला ने नाराजगी जाहिर की है.
राजिम विधानसभा सीट से विधायक अमितेश शुक्ला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं. उन्होंने कहा कि, ‘मेरा नाम शपथ लेने वाले मंत्रियों में नहीं है. मेरा परिवार नेहरु-गांधी परिवार की तीन पीढ़ियों के साथ जुड़ा रहा है. मैं उनसे हमेशा न्याय की उम्मीद करूंगा.’
अमितेश शुक्ला ने राजिम सीट से छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा मतों के अंतर से जीत दर्ज की है. इस सीट पर जीतने वाले विधायक को कांग्रेस सरकार में जगह मिलता रहा है. इसी सीट से जीतने वाले स्व. श्यामाचरण शुक्ल तीन बार अविभाजित मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री रहे.
राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भूपेश बघेल ने इस महीने की 17 तारीख को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू ने मंत्री पद की शपथ ली थी. सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नए मंत्रियों को लेकर कयास लगाए जा रहे थे. हालांकि बघेल ने साफ किया था कि उनके मंत्रिमंडल में वरिष्ठ और अनुभवी विधायकों को जगह दी जाएगी. यही कारण है कि पहली बार चुने गए विधायकों को इसमें जगह नहीं दी गई है.
छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 90 में से 68 सीटों पर, भारतीय जनता पार्टी ने 15 सीटों पर तथा पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ :जे: और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन ने सात सीटों पर जीत हासिल की है.
मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू, कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया, राज्यसभा सदस्य छाया वर्मा समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे.