भगवान् शिवशंकर की बारात रविवार को श्रीमद्भागवत कथा धर्म मंच कमेटी के तत्वावधान में

सिधौली सीतापुर: तहसील क्षेत्र के ग्राम हरदोइया में चर्तभुजबाबा मंदिर से गाजेबाजे  के साथ धूमधाम से निकालीगईजिसमें बड़ी संख्या में 
सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के समापन मौके पर नैमिषधाम निजामाबाद से पधारेकथावाचक मृदुल शास्त्री ने  शंकरपार्वती विवाह प्रसंग की कथा सुनाते हुए कहा कि माता पार्वती नेदेवाधिदेव महादेव शिव शंकर को पति के रूप में प्राप्त करने केलिए अनेक वर्षों तक वनों में घोर तपस्या करने पड़ी| तपस्या केउपरांत मां पार्वती को पति के रूप में भोले बाबा प्राप्त हुए| भागवत कथा में अमृत वर्षा करते हुए पार्वती ने भगवान भोले शंकर के गले में माला डाली तो श्रोता भक्तिमय होकर झूम उठे और भक्तिमय की रस धारा का सभी ने आनंद लिया. उन्होंने शंकर पार्वती विवाह की कथा सुनाकर श्रोताओं कोमंत्रमुग्ध कर दियाबारात में शामिल लोगों ने भगवान भोले शंकरपर आधारित भक्ति गीतों पर जमकर ठुमका लगाया| नंदी पर सवार होकर भगवान भोले जब निकले तो भक्ति और आस्था कीलहरें उठने लगी| निकली बारात में भगवान शिव अवढरदानी के रूप में दूल्हा बने हुए थे| बारातियों की स्थिति भूतों से भीभयानक थी, जिसमें लूले, लगड़े, अपाहिज, कोढ़ी, डायन और दर्जनों विचित्र मुंह  वाले लोग शामिल थेभगवान शिव की बारात में भूत पिशाच  और और देवी- देवता नृत्य करते हुए जब बारातलेकर ठाकुरद्वारा मंदिर पर पहुंची तो सारा वातावरण भोले केजयकारों से गूज उठाजगहजगह महादेव का स्वागत पुष्प वर्षा व आरती से हुआ भगवान शिव भूत- प्रेतों व देवी- देवताओं केसाथ बारात लेकर जब महाराज हिमाचल के घर पहुंचे तो उनका भव्य स्वागत किया गया| शिव बारात के मनोहारी दृश्य को देखनेके लिए क्षेत्र से भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए| इसके बाद वैदिक मंत्रोचार व विधि विधान से भगवान शंकर- पार्वती विवाह संपन्न हुआ| बारातियों को मिष्ठान के साथ भोजन भी कराया हवन की पूर्णाहुति के पश्चात कन्या भोज व भण्डारे का आयोजन हुआ| इस मौके पर विजय कुमार मिश्रा, विनोद कुमार तिवारी, दीपक मिश्रा, कौशलेन्द्र मिश्रा, बुद्ध प्रकाश, आशू तिवारी,प्रीती तिवारी, पूनम तिवारी, ललित मिश्रा, सरोज मौर्या, आशीष तिवारी, मनीष मिश्रा, सुंदर लाल रावत, भण्डारी बाबा, डॉ.रामासरे, दीन दयाल शर्मा,  दिनेश कुमार, साधूराम, सोहन लाल शर्मा, कांसी राम, श्रवण,  पप्पू रावत, रमेश रावत आदि लोग मौजूद रहे/