AMU के नाम पर दुबई में कार्यक्रम, पाकिस्तानी नागरिक को अवार्ड देने पर खड़ा हुआ विवाद, AMU के बिना परमिशन के होने जा रहा है कार्यक्रम।

पाकिस्तानी नागरिक को सर सैय्यद अहमद खान अवार्ड देने पर AMU में मचा बवाल, पूर्व विधायक जमीरउल्लाह ने AMU को मेमोरंडम देकर जताई नाराजगी, आगामी 22 दिसंबर को दुबई में होने जा रहे एक कार्यक्रम में AMU और सर सैय्यद के नाम से दिए जाएंगे अवार्ड, सर सैय्यद ग्लोबल एक्सीलेंस लीडरशिप अवार्ड 2018 के नाम से होगा कार्यक्रम, अवार्ड लेने वाले जिल्ले अहमद निज़ामी यूनिवरसिटी ऑफ इंजीनियरिंग व टैक्नोलोजी करांची पाकिस्तान के हैं संस्थापक, कार्यक्रम में AMU के नाम का स्तेमाल करने पर किसी भी परमिशन से AMU इंतजामिया ने किया इनकार, AMU के ओल्ड बॉय द्वारा किया जा रहा है कार्यक्रम, पूर्व विधायक ने कार्यक्रम को जल्द से जल्द रद्द कराने की उठाई मांग, साथ ही ऑर्गेनाइजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

इस पूरे मामले पर पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह ने बताया कि आगामी 22 दिसंबर को दुबई के अंदर एक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पाकिस्तान नागरिक जिल्ले अहमद निज़ामी को सर सैयद अहमद खान के नाम से वितरण किए जाने वाले अवॉर्ड को दिया जाएगा, जोकि पाकिस्तान के कराची स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग व टेक्नोलॉजी के संस्थापक हैं और यह जो कार्यक्रम किया जा रहा है इसमें एएमयू के नाम का प्रयोग किया जा रहा है, जबकि इस कार्यक्रम के लिए एएमयू इंतजामियां से कोई भी परमिशन या इंफॉर्मेशन नहीं दी गई है, हाजी जमीरउल्लाह ने कहा जिस तरह पाकिस्तान की हरकतें हिंदुस्तान के खिलाफ रहती हैं दोनों देशों के बीच मधुर संबंध नहीं है

इस तरह के कार्यक्रम में पाकिस्तानी को अवार्ड देने का मतलब भारत के सवा सौ करोड़ लोगों के साथ धोखा है, जिसको लेकर एएमयू इंतजामियां को एक मेमोरेंडम देकर कार्यक्रम को रुकवाने के लिए कहां गया है, वहीं इस कार्यक्रम के संबंध में एएमयू पीआरओ अमर पीरजादा ने किसी भी तरह की परमिशन से इंकार कर दिया और वही कहा कि इंतजामियां की कार्यक्रम के आयोजक से बात हुई है जिन्होंने किसी भी पाकिस्तानी को कार्यक्रम में बुलाने से इनकार किया है, और जो लोग यह कार्यक्रम कर रहे हैं उनका एएमयू से हाल में कोई भी संबंध नहीं है वह सिर्फ एएमयू ओल्ड बॉयज हैं।