
टीम इंडिया में चयनित नहीं होने पर यह गेंदबाज काफी निराश हो गया था। इसके बाद उसने खुदकुशी करने का मन बना लिया था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। आखिरकार बाद में उसे सफलता मिली और वह आज टीम इंडिया का स्टार गेंदबाज बन गया। हम बात कर रहे हैं टीम इंडिया की युवा स्पिन सनसनी कुलदीप यादव की।
14 दिसंबर 1994 यानी आज से ठीक 24 साल पहले उत्तर प्रदेश में कुलदीप यादव का जन्म हुआ। कानपुर के इस हीरो ने बेहद संघर्ष और मेहनत के दम पर टीम इंडिया में न सिर्फ जगह बनाई बल्कि अब सीमित ओवर क्रिकेट में भारतीय टीम की जान बन चुके हैं।
अपनी ‘चाइनामैन’ गेंदबाजी से बल्लेबाजों से सवाल करने वाले कुलदीप किसी समय निराशा के ऐसे भंवर में समां चुके थे कि आत्महत्या करने वाले थे। इस सफर को याद करते हुए कुलदीप आज भी थर्रा जाते हैं।
अंडर-15 टीम में जब 13 साल के कुलदीप यादव को जगह नहीं मिली तो उन्होंने निराश होकर खुदकुशी करने की सोच ली। कुलदीप यह भी सोचने लगे कि अब वह दोबारा क्रिकेट नहीं खेलेंगे। दरअसल कुलदीप ने काफी मेहनत की थी, लेकिन उन्हें चयनित नहीं किया गया। इससे वह निराश हो गए थे।
कुलदीप ने कहा कि स्कूल में वह क्रिकेट खेलते जरूर थे। लेकिन उन्होंने अपने लिए कोई लक्ष्य तय नहीं किया था। बस एन्जाय के लिए क्रिकेट खेला करते थे। पर उनके पिता चाहते थे कि वह आगे बढ़ें और क्रिकेट में ही करियर बनाएं। लिहाजा पिता ने ही कुलदीप को कोच के पास भेजा।
कुलदीप पहले एक तेज गेंदबाज बनने की ख्वाहिश रखते थे। लेकिन उनके कोच ने उन्हें बताया कि वह तेज गेंदबाज की बजाय एक श्रेष्ठ स्पिन गेंदबाज बन सकते हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी गेंदबाजी की स्टाइल बदली।
कुलदीप यादव को शेन वॉर्न और वसीम अकरम दुनिया में सबसे बेहतर गेंदबाज लगते थे। वॉर्न की गेंदबाजी खासकर उनको पसंद थी। वह उनके पुराने वीडियो देखकर अपनी गेंदबाजी को धारदार बनाने की कोशिश में लगे रहते हैं।
इसके बाद तो कुलदीप ने खुद के खेल में जबरदस्त बदलाव लाया। 21 सितंबर 2017 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलकाता में हैट्रिक लेकर चर्चा में आने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
कुलदीप यादव ने वनडे में साल 2018 में कुलदीप यादव ने 17 मैच की 19 वनडे पारियों में 17.77 की औसत और 4.64 के इकोनॉमी से कुल 45 विकेट लिए। जिसमें एक बार पांच विकेट और दो बार चार विकेट लेने की उपलब्धि भी हासिल की।
वहीं इस साल 9 टी-20 में कुलदीप ने 5.97 की इकोनॉमी और 9.80 की औसत से कुल 21 विकेट लिए। इनमें दो बार तीन विकेट, एक बार पांच विकेट लिए। कुलदीप इस दौरान तीन टी-20 मुकाबलों में ‘मैन ऑफ द मैच’ और एक बार मैन ऑफ द सीरीज भी रहे हैं।